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Jyoti Suicide Case: ज्योति के गांव में यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ रोष, भाई ने की ये मांग

Sun, 20 Jul 2025 11:51 AM IST
शाहिल शर्मा एएनआई, भिवानी

सार

21 वर्षीय बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ज्योति शर्मा के सुसाइड मामले को लेकर उनके गांव में भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ रोष है। गांव के लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं। 
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मृतका ज्योति के घर में शोकसभा में पहुंचे लोग - फोटो : ANI
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विस्तार
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हरियाणा के गुरुग्राम की 21 वर्षीय बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ज्योति शर्मा ने शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा के अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में दो प्रोफेसरों को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ ज्योति ने अपने सुसाइड नोट में मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया था। 
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मृतका के भाई ने की इंसाफ की मांग 

मृतका के भाई देवेंद्र ने बताया मेरी बहन का यूनिवर्सिटी प्रबंधन और लेक्चरर ने मानसिक रूप से उत्पीड़न किया था जिसके बाद उसने सुसाइड का  खौफनाक कदम उठाया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके नाम उसने अपने सुसाइड नोट में लिखे थे। हालांकि, 3-4 और आरोपी हैं, जिनके खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि उनके खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए।
 
 
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मूल रूप से भिवानी का था परिवार 

ज्योति मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के एक गांव की रहने वाली थी। ज्योति के सुसाइड के बाद गांव के लोगों में भी यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ रोष है। गांव के एक जनप्रतिनिधि ने कहा मृतक ज्योति का परिवार कई वर्षों से गुरुग्राम में रह रहा है। उन्होंने कहा हमने सुना है कि मृतका के माता-पिता कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटि के शिक्षकों से मिले थे। कॉलेज प्रबंधन ने लड़की पर इतना दबाव डाला कि उसने अपनी जान ले ली। गांव के कई लोग गुरुग्राम गए हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि मृतका को न्याय दिलाया जाए।
 

ये था मामला

ज्योति शर्मा ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों पर मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया। सुसाइड नोट में ज्योति ने लिखा था: "अगर मैं मर गई, तो इसके लिए पीसीपी और डेंटल मटेरियल के टीचर जिम्मेदार होंगे।उन्होंने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और अपमानित किया। मैं लंबे समय से तनाव में हूं। सुसाइड नोट में ज्योति ने यह भी लिखा कि वह इस उत्पीड़न के कारण डिप्रेशन में थीं और अब जीवित नहीं रह सकती।

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