शहर के मेडिकल कॉलेज में मरीजों को परामर्श देते डॉ प्रवीन।
भिवानी। आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों ने युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। जिले के नागरिक अस्पताल में हर दिन लगभग 100 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं जिनके लीवर और फेफड़ों पर जंक फूड और धूम्रपान का सीधा असर देखा जा रहा है। शहर के नागरिक अस्पताल की फिजिशियन ओपीडी में 300 में से करीब 100 मरीज इसी वजह से स्वास्थ्य जांच के लिए आते हैं।
डॉ. प्रवीन ने बताया कि अत्यधिक तला-भुना, तेलीय, मैदा व मसालेदार भोजन से फैटी लीवर और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं धूम्रपान की लत युवाओं के फेफड़ों को समय से पहले बूढ़ा बना रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा और श्वसन संबंधी अन्य रोगों का खतरा बढ़ गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
बाजार का तला-भुना और फास्ट फूड कम से कम खाएं।
घर का सादा और संतुलित भोजन, हरी सब्जियां, फल और पर्याप्त पानी लें।
प्रतिदिन 30-45 मिनट योग या व्यायाम करें।
धूम्रपान और नशीले पदार्थों का पूरी तरह त्याग करें।
मानसिक स्वास्थ्य और पर्याप्त नींद को प्राथमिकता दें।
जंक फूड और धूम्रपान की आदतें युवाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं। जीवनशैली सुधार और स्वस्थ खान-पान अपनाकर लीवर और फेफड़ों के रोगों से बचा जा सकता है। युवा अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखें। -डॉ. प्रवीन, फिजिशियन, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी