जूई। जूई नहर में पानी नहीं आने से जूई कलां के जलघर के तीनों टैंक सूखने लगे हैं। ग्रामीणों के सामने पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ग्रामीणों की प्यास बोरवेल के पानी से बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। बोरवेल के पानी में टीडीएस ज्यादा होने के कारण ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं।
जूई कलां जलघर में पेयजल आपूर्ति के लिए तीन टैंक बनाए हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से नहर में पानी ने होने के कारण तीनों टैंकों की तलहटी में पानी बचा हुआ है। धूप से पानी गर्म होकर टैंकों में मछलियां मर रही हैं। इनकी वजह से दुर्गंध फैल रही हैं। मछलियों को बचाने के लिए एक बोरवेल का पानी टैंकों में ही चलाया जा रहा है। बाकी के बचे बोरवेल जूई बिचली व जूई कलां को पानी की जैसे तैसे आपूर्ति कर रहे हैं। अभी निगाना फीडर में पानी चल रहा है। जब जूई नहर में पानी आएगा, तब जाकर ग्रामीणों को पेयजल की आपूर्ति सही से हो सकेगी।
वर्तमान में ग्रामीण भारी टीडीएस का पानी पीने को मजबूर हैं। हमारे गांव का जमीनी पानी खारा है जो पीने लायक नहीं है। जूई कलां व जूई बिचली के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जूई नहर में पानी छोड़ने की गुहार लगाई है ताकि इस गर्मी में पेयजल मिलने से राहत की सांस ली जा सके।
-पवन रापड़िया, सरपंच, जूई कलां।