भिवानी। मौसम में धुंध गहराने के साथ ही शुक्रवार रात को अचानक मौसम ने करवट बदली और गरज के साथ हल्की बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार को भी दिनभर रुक रुक कर हल्की बूंदाबांदी होती रही। बूंदाबांदी के बाद मौसम में ठिठुरन बढ़ गई, जिससे आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ। लोग ठंड से बचाव के लिए घरों के अंदर ही दुबके रहे। शहर के निचले इलाकों की सड़कों पर भी बारिश का पानी जमा हो गया। जिससे राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
इस समय हुई बारिश से रबी फसलों को फायदा मिलेगा। हालांकि कुछ क्षेत्र में नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। हल्की बारिश के दौरान ही सड़कों पर कीचड़ फैल गया, कई जगह पानी की निकासी नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो गया। जिसकी वजह से आवाजाही में भी लोगों को काफी परेशानी हुई।
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बारिश के बाद एक्यूआई में हुआ सुधार, 171 अंक आया नीचे -
शनिवार को आई बारिश की वजह से शहर के एक्यूआई में भी सुधार हुआ है। शुक्रवार को शहर का वायु प्रदूषण 411 दर्ज हुआ था, जबकि शनिवार को एक्यूआई 171 अंक नीचे आकर 240 दर्ज हुआ है। ऐसे में बारिश की वजह से शहर की हवा सांस लेने योग्य हुई है, मगर फिलहाल भी एक्यूआई का स्तर सामान्य नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार 200 से अधिक अगर एक्यूआई जाता है तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 14.5 और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
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बारिश की वजह से मौसम में बदलाव हुआ है। ऐसे में कोहरा कम हुआ है और ठिठुरन बढ़ गई है। किसानों से अपनी फसलों का विशेष ध्यान रखते हुए सरसों की फसल में हल्की सिंचाई जरूर करें। हल्की सिंचाई से फसल पाले की चपेट में नहीं आएगी। फल और सब्जियों का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है। किसान बेवजह किसी भी कीटनाशक का छिड़काव न करें। अगर फसल में बीमारियों की आशंका है तो वे कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। ताकि फसल की आवश्यकता के अनुसार कीटनाशक स्प्रे के छिड़काव के बारे में ठीक जानकारी दे सके।
- डॉ. योगिता बाली, शस्य विज्ञान विस्तार विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी।
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