भिवानी टीम। शनिवार को मात्र 20 मिनट में भिवानी जिले के करीब 75 गांवों में आसमान से अचानक ही आफत बरस पड़ी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद ओलावृष्टि हुई। इससे भिवानी जिले में करीब 35 से 45 हजार एकड़ में किसानों के गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। वहीं करीब एक लाख एकड़ से अधिक सरसों की खड़ी फसल में ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका है। कृषि विभाग के अधिकारी फील्ड में प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण कराने का दावा कर रहे हैं। वहीं कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने अचानक हुई ओलावृष्टि पर किसानों को आश्वस्त किया है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं, सरकार उनके साथ खड़ी है।
भिवानी जिले में रबी सीजन के दौरान करीब साढ़े सात लाख एकड़ में फसल बिजाई की है। इसमें करीब पौने चार लाख एकड़ में किसानों ने गेहूं बोया है जबकि सरसों साढ़े तीन लाख एकड़ से अधिक में खड़ी है। शनिवार को हुई बारिश के बाद भिवानी, बवानीखेड़ा, तोशाम, लोहारू, ढिगावा, कैरू सहित आसपास के इलाके में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई है। इससे 75 से अधिक गांवों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल में अत्यधिक नुकसान की आशंका बनी है। वहीं देर शाम तक बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है।
ओलावृष्टि से सरसों में भारी नुकसान
कैरू/लोहारू। शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। कैरू खंड के गांव देवराला, खापड़बास, इंदीवाली, गोलागढ़, चंदाबास, बिजलानाबास, खारियाबास गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। 20 मिनट की तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से सरसों में भारी नुकसान की आंशका है। वहीं लोहारू शहर व आसपास के इलाके में शनिवार दोपहर बाद बूंदाबांदी के साथ हलकी ओलावृष्टि हुई।
किसान मान रहे 60 से 70 प्रतिशत तक नुकसान
बहल। शनिवार दोपहर को बहल क्षेत्र के करीब 10 गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे पकने के कगार पर खड़ी फसल में भारी नुकसान हुआ। सरसों की फसल की फलियां टूटकर जमीन पर जा गिरी व तेज हवाओं से फसल जमीन पर बिछ गई। ओलावृष्टि से चैहड़ कलां व खुर्द, बुढ़ेड़ी, बुढ़ेड़ा, ढाणा, पहाड़ी, नकीपुर व मनफरा सहित करीब 10 गांवों में फसलों में नुकसान हुआ है। गेहूं की बालियां ओलों की मार से टूट गई। किसानों की माने तो फसलों में 60 से 70 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है। किसान सतबीर चैहड़, मुकेश, राजेश ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों में पैदावार की संभावना पूरी तरह से खत्म हो गई है। जिस सरसों की फसल से किसानों ने मेहनत कर उपजाई थी, वो पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने प्रशासन से तुरंत प्रभाव से गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
नुकसान के लिए किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं : जेपी दलाल
शनिवार को लोहारू हलके में कई स्थानों पर तेज बरसात और ओलावृष्टि होने के बाद कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान के लिए किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं है। ओलावृष्टि से सरकार को नुकसान हुआ है किसान को नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लोहारू, भिवानी क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में ओलावृष्टि से जो नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई के लिए भिवानी के उपायुक्त को निर्देश दे दिए गए हैं। पूरे जिले में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करके रिपोर्ट सरकार को भिजवाई जाएगी। ताकि किसानों को मुआवजा राशि देकर फसल नुकसान की भरपाई की जा सके।
किसान सभा ने की मुआवजा की मांग
भिवानी। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष रामफल देशवाल, जिला सचिव मास्टर जगरोशन व उप प्रधान कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि ओलावृष्टि से गांव मानहेरू, नांगल, अजीतपुरा, धारेडू, कितलाना, गोरीपुर, सूई सहित अनेक इलाकों में भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। उन्हें 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा मिले।
ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी : सुनील शास्त्री
भिवानी। ओलावृष्टि से परेशान कैरू, इंदीवाली, मनसरवास, देवराला, खापड़वास सहित अनेक गांवों के किसानों ने सरकार से ओलावृष्टि के कारण नष्ट हुई फसल की गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने ओलावृष्टि के बाद विधायक किरण चौधरी को स्थिति की जानकारी दी। विधायक किरण चौधरी के समर्थकों ने विभिन्न क्षेत्रों के खेतों में जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों द्वारा की जा रही मुआवजे की मांग का समर्थन किया। इस मौके पर प्रदीप गोलागढ़, सुनील शास्त्री, सरपंच मनसरवास सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी सरसों व गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार नुकसान की भरपाई करवाने के लिए गिरदावरी के आदेश दे, ताकि समय रहते किसानों को मुआवजा मिल सके।
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50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग
भिवानी। शनिवार को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की सरसों व गेहूं की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर किसानों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों की भरपाई के लिए सरकार से किसान को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की।
शनिवार को तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि की सूचनाएं मिली हैं। सभी कृषि फील्ड अधिकारियों को किसानों की फसलों मेें हुए नुकसान का आकलन के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
-डॉ विनोद फौगाट, कृषि उपनिदेशक भिवानी।