भिवानी। निनान के पुराने मकान में चल रही शराब की अवैध फैक्टरी से भिवानी ही नहीं राजस्थान में भी मिलावटी शराब सप्लाई होती थी। सारे लेबल राजस्थान मार्का है। फैक्टरी के तार बामला से भी जुड़े हैं। जहां एक शराब ठेकेदार के घर से भारी मात्रा में शराब की बोतल के ढक्कन बरामद हुए। सीएम फ्लाइंग टीम ने पहले बामला में दबिश दी थी, जिसके बाद निनान गांव में चल रही फैक्टरी का पता लगा। फिलहाल पुलिस ने तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें एक ने बामला गांव में शराब ठेका ले रखा है तो दूसरा शराब ठेकेदारों के संपर्क में है। ये दोनों फरार है। तीसरा आरोपी शराब ठेकेदार का पिता है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक, भिवानी गुप्तचर विभाग और सीआईए प्रथम टीम ने शनिवार देर शाम निनान गांव के एक पुराने मकान में दबिश दी थी। जहां से भारी मात्रा में स्प्रिट, खाली बोतलें, बोतलों के लेबल और कार्टून बरामद किए थे। रात को सीएम फ्लाइंग टीम से डीएसपी संदीप गुलिया भी भिवानी पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। इस सारे खेल का खुलासा बामला गांव से हुआ। सीएम फ्लाइंग टीम को बामला में एक ठेकेदार द्वारा मिलावटी शराब तैयार कर बेचने की सूचना थी। जिस पर टीम ने बामला प्रथम में धर्मबीर के घर दबिश दी। उसका बेटा नरेश गांव में ही शराब ठेका चलाता है। मौके पर नरेश तो नहीं मिला मगर धर्मबीर मिला। टीम ने वहां जांच की तो सात कार्टून शराब की बोतलों के ढक्कनों से भरे मिले। जिन पर हरियाणा एक्साइज लिखा था। धर्मबीर से पूछताछ की तो उसने बताया कि ये उसका बेटा नरेश अपने दोस्त फूलपुरा वासी हाल निनान गांव में रहने वाले मनोज के पास से लाया है। इन ढक्कनों का प्रयोग मिलावटी शराब की बोतलों को सील करने में किया जाता है। धर्मबीर की निशानदेही पर ही टीम ने निनान गांव में मनोज के घर दबिश दी।।
और भी शामिल है मिलावटी शराब के इस खेल में
सीएम फ्लाइंग टीम की दबिश के बाद पुलिस ने बामला वासी धर्मबीर, उसके बेटे शराब ठेकेदार नरेश व फूलपुरा वासी हाल निनान वासी मनोज के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनके अलावा भी मिलावटी शराब के इस खेल में अनेक लोग शामिल हैं। जिनके नाम मनोज और नरेश की गिरफ्तारी के बाद सामने आएंगे।
ये सामान हुआ बरामद
बामला गांव में धर्मबीर के मकान से सात कार्टून बोतलों के ढक्कनों से भरे मिले वहीं निनान गांव में मनोज के घर से एक बोतल के ढक्कन सील करने की मशीन व चार केन जिनके अंदर क्रमश: 50 लीटर, 15 लीटर, 10 लीटर व पांच लीटर कुल 80 लीटर फ्लेवर मिला। एक कमरे में बोतल के ढक्कन जिन पर ऑफिसर च्वाइस प्रिंट था का एक कार्टून, बिना प्रिंट किए छह कार्टून, बिना प्रिंट किए गत्ते सफेद रंग कुल 1040, लेबल शीट इंपैक्ट प्रिंट 450, एक खाली ड्रम मिला। एक अन्य कमरे से छह ड्रम, जिनमें करीब 410 लीटर स्प्रिट भरा मिला। एक अन्य कमरे में 193 पेटी अवैध तैयार शराब की बोतल सील की हुई। 20 पेटी बोतल बिना सील की हुई शराब, 90 पेटी बोतल खाली बोतल, 366 लेबल सीट, 340 कार्टून प्रिंटेड लेबल, एक बोतल सीलिंग मशीन, एक फिलिंग टैंक मोटर, पांच ड्रम, एक मिक्सर टैंक, एक मिक्सिंग मशीन, दो सफेद केन फ्लेवर, डेढ़ कार्टून बोतल कैप ऑफिस च्वाइस प्रिंटिंग मिले।
गांवों में मिलती है सस्ती शराब
शहर में इन दिनों काफी चर्चाएं रहती है कि रोहतक रोड पर पड़ने वाले गांवों के ठेकों पर शराब शहर की तुलना में सस्ती मिलती है। शराब की बोतलों के दाम में प्रति बोतल 20 से 50 रुपये तक का अंतर रहता है। मिलावटी शराब का खुलासा होने के बाद चर्चाएं हैं कि कहीं इसी फेर में तो गांवों में शराब सस्ती नहीं मिलती।
वर्जन:-
धर्मबीर, नरेश और मनोज के खिलाफ धोखाधड़ी, एक्साइज एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। धर्मबीर की गिरफ्तारी हो चुकी है। नरेश और मनोज की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- प्रवीण कुमार, इंचार्ज खरक चौकी
मौके से पुलिस द्वारा बरामद किए गए शराब के लेवल। संवाद- फोटो : Bhiwani