चिकित्सकों की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद अब 29 दिसंबर के अल्टीमेटम के अनुसार शुक्रवार को पूर्ण हड़ताल पर जाने का सरकारी चिकित्सक ऐलान कर चुके हैं। अगर हड़ताल होती है तो स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द किए जाने के साथ हड़ताल के विकल्प के तौर पर पुख्ता बंदोबस्त किए जाने का दावा किया है।
वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि अगर चिकित्सक हड़ताल पर जाते हैं तो उस स्थिति में आपात और ओपीडी दोनों ही जगह व्यवस्था रहेगी। हालांकि पहले हुई हड़ताल में भी काफी कम चिकित्सकों ने ही हड़ताल की थी। स्वास्थ्य विभाग पहले से ही चिकित्सकों की छुट्टियां रद्द कर चुका है। ऐसे में गैर हाजिर रहने वाले चिकित्सक भी शुक्रवार को हड़ताल पर समझे जाएंगे और उनकी रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजी जाएगी। पिछली हड़ताल में बीएमएस विद्यार्थियों ने ओपीडी में मोर्चा संभाला था, जबकि कुछ एमबीबीएस चिकित्सकों ने भी ओपीडी जांची थी। लेकिन 29 दिसंबर के नोटिस में चिकित्सकों ने पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है। हालांकि देर शाम तक मुख्यालय में हड़ताल को लेकर बैठक चल रही है।