तोशाम (भिवानी)। खरीद फरोख्त में 25 भैंसों के 17 लाख रुपये न मिलने से आहत पशु व्यापारी ने जहर निकलकर आत्महत्या कर ली। तोशाम पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। वहीं मृतक के बेटे की शिकायत पर आरोपी दंपती और उसके बेटे के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है।
गांव दिनोद निवासी अनुज ने तोशाम पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता भगवान सिंह सोमवार शाम सात बजे घर से खरखडी माखवान जाने की कहकर गए थे। रात्रि के समय पिता ने अपने भाई अर्जुन के पास फोन किया और कहा कि वह कालिया के खेत पर है। अर्जुन ने पूछा कि कौन सा कालिया।
इस पर भगवान सिंह ने बताया कि खरखड़ी के पास जहां भैंस उतारते हैं वहां पर हैं। उसी समय अर्जुन, रामबीर और राहुल गांव से खरखड़ी माखवान के खेतों की तरफ चल पड़े। उन्होंने डायल 112 पर फोन किया और घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि ये सब जब धारण चौक पर पहुंचे तो डायल 112 की गाड़ी और पुलिस कर्मचारी मिले। अनुज ने बताया कि पुलिस को साथ लेकर नरेन्द्र उर्फ कालिया के खेत में पहुंचे।
उस समय मेरे पिता भगवान सिहं गांव खरकड़ी माखवान निवासी नरेंद्र उर्फ कालिया के खेत में चारपाई के पास पड़ा मिला। उन्होंने भगवान सिंह से पूछा तो बताया कि नरेंद्र उर्फ कालिया वासी खरखडी माखवान से 25 भैंसों के करीब 17 लाख रुपये लेने हैं। नरेन्द्र ने काफी समय से रुपये नहीं दिए हैं। जिस बात को लेकर वह काफी तंग व परेशान था। नरेंद्र उर्फ कालिया, उसके बड़े लड़के और उसकी पत्नी ने भगवान सिंह को कल शाम को यहां पैसे देने के लिए बुलाया था। जिन्होंने पैसे नहीं दिए।
आरोप लगाया कि नरेंद्र उर्फ कालिया, उसके बड़े लड़के और उसकी पत्नी से तंग व परेशान होकर आत्महत्या करने के लिए जहर खा लिया है। उसके बाद भगवान सिंह को उपचार के लिए डायल 112 में बैठाकर सरकारी अस्पताल तोशाम में ले गए। इलाज के दौरान भगवान सिहं की मौत हो गई। अनुज ने बताया कि उसके पिता भगवान सिंह को नरेन्द्र उर्फ कालिया, बड़े लड़के व उसकी पत्नी ने आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है। उन सभी के खिलाफ के कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने अनुज के बयान पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बारे में थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच जारी है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।