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हुड्डा परिवार ने भिवानी कांग्रेस में भी की अपनी पकड़ मजबूत

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नवनिर्वाचित युवा जिला अध्यक्ष को सम्मानित करते कांग्रेस कार्यकर्ता। विज्ञप्ति - फोटो : Bhiwani
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आदेश चौधरी
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भिवानी। कांग्रेस यूथ विंग के ऑनलाइन चुनाव में सांसद दीपेंद्र हुड्डा समर्थित उम्मीदवारों ने स्थानीय कद्दावर कांग्रेसी नेता किरण चौधरी के उम्मीदवारों को शिकस्त दी है। यूं तो रोहतक, सोनीपत और झज्जर को हुड्डा परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। मगर अब हुड्डा परिवार ने भिवानी में भी युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। किरण चौधरी समर्थित उम्मीदवारों को हरवाकर उन्होंने भिवानी कांग्रेस में भी सेंधमारी शुरू कर दी है।
युवा वर्ग से जुड़ाव बढ़ा
युवा कांग्रेस के इन चुनावों में यह भी सामने आया है कि पार्टी के साथ युवा वर्ग पहले की अपेक्षा ज्यादा जुड़ा है। चुनाव में इस बार भिवानी में 15314, बवानीखेड़ा में 4774, तोशाम में 21215 और लोहारू में 20 हजार से ज्यादा वोट पोल हुए हैं। यह आंकड़ा पिछले चुनाव की अपेक्षा लगभग 15 फीसदी ज्यादा है।
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भिवानी विधानसभा के अध्यक्ष बने राकेश शर्मा
भिवानी विधानसभा क्षेत्र में दीपेंद्र हुड्डा ने राकेश शर्मा को अपना समर्थन दिया था। इसमें कांग्रेस नेता संदीप सिंह का भी सहयोग रहा। राकेश शर्मा को 5559 वोट मिले, जबकि किरण चौधरी समर्थित कोणार्क बुवानीवाला को 4890 वोट मिले। राकेश शर्मा को प्रधान और कोणार्क को उपप्रधान चुना गया। हालांकि दोनों के बीच मुकाबला कांटे का रहा। कुल 15314 वोट डाले गए।
तोशाम में भी हारा किरण समर्थित उम्मीदवार
किरण चौधरी वर्ष 2005 से तोशाम विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। क्षेत्र में उनकी तगड़ी पकड़ भी है। यहां पर उन्होंने रोबिन सिंह को अपना समर्थन दिया था। मगर दीपेंद्र हुड्डा समर्थित मंदीप ढाणी माहू ने यहां भी 683 वोटों से जीत हासिल की है। मंदीप ढाणी माहू को 9914 और रोबिन सिंह को 9231 वोट मिले। इसी प्रकार लोहारू में दीपेंद्र हुड्डा और राजबीर फरटिया समर्थित उम्मीदवार धर्मबीर दूहन ने किरण समर्थित उम्मीदवार अनिल कासनी को हराया। धर्मबीर दूहन को 10695 और अनिल कासनी को 8049 वोट मिले।
पूर्व सीपीएस रामकिशन का बेटा बना जिला प्रधान
बवानीखेड़ा से पूर्व विधायक और सीपीएस रहे रामकिशन फौजी पूरे मामले में संतुलन बनाए नजर आए। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पूर्व मंत्री किरण चौधरी दोनों का ही नजदीकी माना जाता है। इसलिए जिला युवा प्रधान के लिए मैदान में आए उनके बेटे एडवोकेट विकास कुमार के सामने कोई बड़ा प्रतिद्वंद्वी खड़ा नहीं हुआ। उन्होंने दोनों पक्षों में संतुलन बनाए रखा। न केवल अपने बेटे को जिला युवा प्रधान बनवाया, वहीं अपने समर्थित श्रीकांत परमार को बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष भी बना दिया।
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योग्य युवाओं को आगे लाना ही मकसद : दीपेेंद्र
राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनका मकसद योग्य युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने पदासीन होने वाले सभी युवाओं से पार्टी के लिए ग्राउंड स्तर पर काम करने की अपील की। (संवाद)
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