अब दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के फील्ड में काम करते समय अपनी जान जोखिम में डालने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पुख्ता करेगा। इसके लिए निगम प्रबंधन ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुरक्षा उपकरण मुहैया कराने का फैसला लिया है।
अब बिजली लाइनों पर काम करने वाले निगम कर्मचारियों को एक मीटर के दायरे में करंट की जानकारी सिर पर लगे हेलमेट के सेंसर से ही मिल जाएगी, जिससे की कर्मचारी लाइन को छूने से पहले ही सचेत हो जाएगा। इतना ही नहीं हर साल सुरक्षा उपकरणों के अभाव और लापरवाही की वजह से सबसे अधिक लाइनों पर दुर्घटनाएं भिवानी सर्कल में हुई हैं।
पिछले तीन सालों के दौरान औसतन 10 से 15 कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं। हादसों पर विराम लगाने के लिए बिजली निगम ने लाइनों पर काम करने के मापदंडों में भी काफी बदलाव किया है। वहीं लाइन पर अब कोई भी फील्ड का निगम कर्मचारी व अधिकारी शट-डाउन (बिजली काटने का परमिट) नहीं ले पाएगा।
इसके लिए पहले निर्धारित प्रपत्र पर सूचना पावर सब स्टेशन के अंदर देनी होगी। जिसके बाद पावर सब स्टेशन पर तैनात कर्मचारी की भी जवाबदेही सुनिश्चित होगी और लाइन पर काम करने वाले फील्ड के निगम कर्मचारी की भी जान सुरक्षित रहेगी।
भिवानी सर्कल के चरखी दादरी और भिवानी जिला में करीब दो हजार निगम कर्मचारी तैनात हैं, इनमें 1733 निगम कर्मचारी फील्ड कर्मचारी हैं। इनमें 755 अनुबंधित कर्मचारी हैं, जबकि 978 फील्ड कर्मचारी नियमित श्रेणी में आते हैं। जिनके कंधों पर पूरे सर्कल के अंतर्गत दोनों जिलों की बिजली लाइनों की सुरक्षा का जिम्मा भी है। ये कर्मचारी अधिकांश तौर पर बिजली लाइनों पर काम करते समय फोन पर ही पावर हाउस पर परमिट लेकर काम में लग जाते हैं, या फिर लाइनों की क्रासिंग फीडर में अर्थ की वजह से आए करंट में हादसे का शिकार हो जाते थे।
निगम प्रबंधन ने इस तरह के हादसों पर विराम लगाने के लिए हाई सिक्योरिटी प्लान बनाया है। जिसके तहत प्रत्येक फील्ड कर्मचारी को लाइन पर चढ़कर काम करने से पहले इन उपकरणों का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया है। हेलमेट अब बिजली कर्मचारियों की बचाएगा जान : निगम के फील्ड कर्मचारियों को जो सुपर हाईटेक सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाएंगे, उनमें सबसे अहम भूमिका कर्मचारी के सिर पर लगे हेलमेट की होगी। क्योंकि ये हेलमेट कई सुरक्षा सुविधाओं से लेस होगा। जब भी कोई निगम कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा होगा।
अचानक यदि लाइन में करंट आता है तो एक मीटर के दायरे में आए करंट को हेलमेट का सेंसर पकड़ लेगा। पहले ही कर्मचारी को उससे सचेत कर देगा। इसके अलावा रात के अंधेरे में अगर कर्मचारी काम करेगा तो उसे अलग से टार्च की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि फ्रिक्वेंसी के अनुसार उसकी लाइट का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा निगम कर्मचारी को हाथों में पहनने के ग्लब्ज, जूते व बेल्ट भी मुहैया कराई जाएगी। जिनका इस्तेमाल करना भी आसान और उतना ही सुरक्षित होगा।
मोबाइल फोन पर नहीं मिलेगा लाइन पर कट का शटडाउन
निगम प्रबंधन किसी भी फील्ड कर्मचारी या फिर अधिकारी को मोबाइल फोन पर लाइन कट का शट डाउन नहीं देगा। इसके लिए सख्त हिदायत जारी कर दी गई हैं। निगम का कनिष्ठ अभियंता, सहायक फोरमैन, फीडर इंचार्ज को मोबाइल फोन पर लाइन कट का शट डाउन नहीं मिलेगा, अगर कोई कर्मचारी पावर हाउस कर्मचारी पर इसके लिए दबाव बनाता है तो उसकी शिकायत भी उच्चाधिकारियों को की जाएगी।
लिखित प्रपत्र पर देने पर ही शट डाउन मिलेगा। शट डाउन मिलने के बाद पावर हाउस के परिचालन कर्मचारी ट्रॉली को बाहर निकालेंगे। अगर कोई फीडर क्रासिंग लाइन है तो उन दोनों ही फीडरों पर शट डाउन लेना अनिवार्य होगा, ताकि अर्थ से करंट की संभावना न बनें।
निगम के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा लाइनों पर काम करते समय हादसे की संभावनाओं पर पूरी तरह से विराम लगाने के लिए सुपर हाइटेक सुरक्षा उपकरणों की खरीद निगम प्रबंधन करने जा रहा है। आगामी 20 से 25 दिनों बाद भिवानी सर्कल में ये अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण फील्ड कर्मचारियों को मुहैया करा दिए जाएंगे। फिलहाल निगम के 80 फीसदी फील्ड कर्मचारियों के पास सामान्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल करने के बाद ही कार्य की हिदायत दी हुई हैं।
- राजकुमार जाजोरिया, निगम महाप्रबंधक भिवानी सर्कल।