हनुमान ढाणी के राजकीय स्कूल में उल्लास परीक्षा देते प्रौढ़ व्यक्ति।
भिवानी। किसी ने छोटे बच्चे तो किसी बुजुर्ग महिला ने अपने पति के साथ सरकारी स्कूल के बेंच पर बैठकर परीक्षा दी। मौका था निरक्षर से साक्षर बनने का। इसके लिए हरियाणा सरकार की तरफ से सरकारी स्कूलों में रविवार को उल्लास परीक्षा आयोजित कराई गई। जिसमें क्षेत्र के प्रौढ़ महिला एवं पुरुषों ने सरकारी स्कूल पहुंचकर परीक्षा दी।
परीक्षा देने वाले प्रौढ़ महिला एवं पुरुषों को शिक्षा विभाग की तरफ से प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। इसके बाद उनका निरक्षर यानी अनपढ़ होने का मलाल भी हमेशा के लिए मिट जाएगा।
ढाणी हनुमान के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रविवार को हरियाणा सरकार के आदेशानुसार प्रधानाचार्या सुनीता सैनी के नेतृत्व में उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें प्राथमिक विद्यालय ढाणी हनुमान, प्राथमिक विद्यालय ढाणी माल्यान और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढाणी हनुमान के स्टाफ सदस्यों द्वारा परीक्षा ली गई। प्रौढ़ व्यक्तियों को सरकार द्वारा परीक्षा लेकर शिक्षित होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता सैनी ने बताया कि प्रौढ़ महिला एवं पुरुषों को साक्षर करने के लिए उल्लास परीक्षा हुई है। इस परीक्षा से पहले इन्हें पढ़ाई भी करवाई गई थी। जिसके तहत उन्हें अपना नाम लिखना और अक्षर का बोध कराया गया था। ढाणी हनुमान स्कूल की डीपीई प्रोमिला ने बताया कि तीन सरकारी विद्यालयों के क्षेत्र में सर्वेक्षण कराया गया था। जिसमें 154 निरक्षर लोगों की पहचान की गई थी। रविवार को इनमें से दोपहर 2 बजे तक 129 प्रौढ़ विद्यालय में परीक्षा देने पहुंचे। इसमें 26 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल हैं।
परीक्षा देने वालों में एक प्रौढ़ दंपती 39 वर्षीय नीलम और 42 वर्षीय प्रमोद ने एक ही बेंच पर बैठकर उल्लास परीक्षा दी। जबकि एक प्रौढ़ महिला भी अपनी छोटी बेटी के साथ परीक्षा देने आई। इस मौके पर प्रधानाचार्या सुनीता सैनी, सतीश शास्त्री, प्रवक्ता अमित, विनोद, राकेश कुमार, डीपीई प्रोमिला, रसना व समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।