भिवानी। करोड़ों रुपये का माल लगने के बावजूद शहर का फोरलेन और हाईवे बदहाल है। दोनों ही मार्गों पर गहरे-गहरे गड्ढे हो रहे हैं। फोरलेन कई जगह से टूट चुका है तो हाईवे का बड़ा हिस्सा धरती में समा चुका है। धुंध गहराने के साथ ही यहां सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। आलम यह है कि दरक चुके हाईवे में गड्ढों से सुरक्षा पुलिस बैरिकेडिंग से की जा रही है।
तोशाम रोड पर वैश्य महाविद्यालय से लेकर तोशाम बाईपास तक करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में करीब दो करोड़ रुपये से फोरलेन का निर्माण दो साल से चल रहा है। हाल ही में फोरलेन पर नई सड़क बनाई गई लेकिन कुछ अर्से पहले हल्की बूंदाबांदी से नई सड़क बदहाल हो गई है। सड़क की रोड़ियां भी बिखर चुकी हैं और तारकोल भी हट चुका है। ढाई किलोमीटर के दायरे के फोरलेन में 55 से अधिक जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। फोरलेन पर प्रतिदिन करीब तीन हजार वाहन गुजरते हैं। हांसी-हिसार, तोशाम-हिसार, लोहारू व रोहतक की ओर से आने जाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी फोरलेन पर है।
पांच फुट दरका हाईवे, बन गई गहरी खाई
भिवानी-हांसी-हिसार मुख्य मार्ग पर शिक्षा बोर्ड मुख्यालय के पास जूई नहर की पुलिया से ठीक नीचे खरकड़ी मोड़ के समीप हाईवे पांच फुट तक दरक गया है। इस कारण यहां सड़क गहरी खाई में तब्दील हो चुकी है। कुछ माह पहले ही जूई व मिताथल फीडर यानी डबल नहर पर फोरलेन की तर्ज पर पुलिया को चौड़ा किया गया था। इस पर करीब एक करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया गया था।
स्थानीय लोगों की मानें तो सड़क करीब सात से आठ फुट तक धंस गई हैं और तारकोल की लेयर अधर में लटक कर रह गई है। यहां से भी प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। रात के समय यहां लाइट का प्रबंध भी नहीं है। इस कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। आलम यह है कि हाईवे पर गड्ढों से सुरक्षा के लिए पुलिस के बैरिकेड्स को लगा दिया गया है।
हाईवे के नीचे से मुख्य सीवर लाइन गुजर रही है। इस कारण काफी हिस्सा दरक गया है। इसकी जानकारी सीवरेज शाखा के अधिकारियों को दी गई है। जल्द ही हाईवे को दुरुस्त कराने का काम शुरू कराया जाएगा।
- प्रवीन सहरावत, एसडीओ, नेशनल हाईवे भिवानी
फोरलेन निर्माण का काम अभी चल रहा है। सर्दी के मौसम में सड़क पर तारकोल का काम नहीं हो सकता है। मौसम साफ होते ही सड़क पर तारकोल की लेयर डालकर उसे बनवा दिया जाएगा।
-शशांक कुमार, एसडीओ, बीएंडआर भिवानी
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