भिवानी। भिवानी में रात को तापमान जमावबिंदु तक पहुंच रहा है। इसकी वजह से फसलों और लोगों की सेहत पर संकट छा गया है। मंगलवार को गांव अजीतपुरा में एक कार की छत पर बर्फ की परत जम गई।
वहीं खेतों में भी पाला जमाव से किसानों की मुकिश्लें बढ़ गईं। कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को फसलों को पाला से बचाव के उपाय सुझा रहे हैं, फिलहाल पहाड़ों में बर्फबारी की वजह से शीत लहर का प्रकोप बढ़ा है। वहीं सूखी ठंड से खेतों में भी पाला जमने लगा है। रात के समय तापमान 3 डिग्री तक पहुंच रहा है।
भिवानी जिले में साढ़े सात लाख एकड़ भूमि में रबी सीजन की गेहूं, सरसों, जौ सहित अन्य दलहन की फसलें बिजाई की गई हैं। जबकि 75 हजार हेक्टेयर भूमि पर किसान सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं। शीतलहर चलने और रात के समय सूखी ठंड से तापमान भी गिरने लगा है। हालांकि बारिश होती है तो किसानों को नुकसान से बचाव होगा और फसलों में भी फायदा मिलेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ डॉ. मुरारीलाल ने बताया कि इस समय मौसम बागवानी के लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे मौसम में किसानों को रात के समय फसलों की हल्की सिंचाई करनी जरूरी है। वहीं तापमान जमाव बिंदु तक जाता है तो फसलों को बचाने के लिए भी प्रबंध करने जरूरी हैं।
ठंड से सेहत पर भी आया संकट
मौसम में बदलाव और शीत लहर के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत आ रही है। सुबह का सैर सपाटा करने जाने वालों को भी अब घूमने के लिए मना किया जा रहा है। क्योंकि शीतलहर की वजह से शरीर का तापमान भी अस्थिर हो रहा है। ऐसे मौसम में सुबह की सैर सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. यतीन गुप्ता का कहना है कि जिन लोगों को हृदय संबंधी दिक्कत है वे सुबह की सैर करने से इस समय बचे।
बाजार में भी दिखाई दे रहा ठंड का असर
शीतलहर की वजह से शहर का बाजार भी ठंडा हो गया है। नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भानुप्रकाश शर्मा ने बताया कि ज्यादा ठिठुरन बढ़ने से बाजारों में भी कारोबार बहुत कम हो गया है। हालांकि इस समय गर्म कपड़ों की मार्केट ठीक है, लेकिन इसमें भी मंदी की मार है। शहर का बाजार भी ठंड की वजह से सुबह 11 बजे के आसपास खुल रहा है जबकि शाम को दुकानें जल्दी बंद हो जाती हैं।
रात के समय में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही रही है। ऐसे मौसम में जो किसान बागवानी कर रहे हैं। उनको दिक्कतें आ रही हैं। सब्जी उत्पादक किसान भी अपनी फसलों में पर्याप्त और हल्की सिंचाई करें और किसी भी तरह की दिक्कत आने पर कृषि वैज्ञानिक से अवश्य सलाह लेकर उसका निवारण करे। -डॉ मुरारीलाल बागवानी विस्तार विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी।
गांव अजीतपुरा में सुबह के समय कार की छत पर जमा पाला।