फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गड़बड़झाला: बैंक में गिरवी रखी जमीन को 15 लाख में बेचने का किया सौदा, फिर दादी के नाम कराई रजिस्ट्री

Fri, 23 May 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
लघु सचिवालय में स्थित तहसीलदार कार्यालय।
विज्ञापन
भिवानी। तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी है कि थोड़ा सा कुरेदने पर नया गड़बड़झाला उजागर हो जाता है। ताजा मामले में एक व्यक्ति ने भूमि अधिग्रहण बैंक से 49 लाख रुपये का लोन होने के बावजूद गिरवी रखी गई जमीन का 15 लाख रुपये में गांव के ही व्यक्ति से सौदा कर लिया। इतना ही नहीं आरोपी ने इस जमीन की रजिस्ट्री भी अपनी दादी के नाम करा डाली, ताकि लोन न चुकाना पड़े। इसकी भनक जब भूमि खरीदने वाले व्यक्ति को लगी तो उसने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी।
विज्ञापन

मामला भूमि अधिग्रहण बैंक के अधिकारियों तक पहुंचा तो बैंक में गिरवी रखी भूमि को धोखाधड़ी से बेचने पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की तैयारी कर ली है। फिलहाल जांच पुलिस अधीक्षक कार्यालय की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। गांव निमड़ीवाली निवासी एक व्यक्ति ने गांव के ही चंद्र से इसी साल 17 फरवरी को करीब दो एकड़ भूमि बेचने का 15 लाख रुपये में सौदा किया था। चंद्र से पांच-पांच लाख रुपये के तीन चेक आरोपी को दिए। इसके बावजूद आरोपी ने अपनी पुश्तैनी भूमि 21 मई 2025 को अपनी 80 वर्षीय दादी को खून के रिश्ते में अंतरण कर डाली। इस भूमि पर करीब 15 साल पहले आरोपी के दादा ने भूमि अधिग्रहण बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया था, जो अब 49 लाख हो चुका है। यह भूमि पहले से ही भूमि अधिग्रहण बैंक की संपत्ति थी, जिसे न तो खरीदा जा सकता था और न ही बेचा जा सकता था। इसके बावजूद आरोपी ने बेचने के लिए सौदा कर लिया। संवाद
तहसील अधिकारियों के साथ मिलीभगत
आरोपी ने भिवानी तहसील कार्यालय के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर न केवल चंद्र को 15 लाख की चपत लगाई बल्कि बैंक का 49 लाख का लोन होने के बावजूद भूमि अपनी दादी के नाम करा दी। दरअसल आरोपी के दादा की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि पिता का पहले ही देहांत हो चुका था। ऐसे में दादा के नाम की पुश्तैनी भूमि विरासत के इंतकाल के तहत सीधे पोते और उसकी पुत्रवधू के नाम उतर गई। पोते ने इसी भूमि को तहसील अधिकारियों से मिलीभगत करके फिर से अपनी दादी के नाम करा दिया।
विज्ञापन


मैंने गांव के ही एक व्यक्ति से 15 लाख रुपये में भूमि खरीदने के लिए एग्रीमेंट किया था। उस समय भूमि की फर्द में 49 लाख का लोन दिखाया जा रहा था। आरोपी ने भूमि की रजिस्ट्री उसके नाम कराने से पहले ये लोन चुकाने की बात कही थी, जिसका जिक्र भी एग्रीमेंट में किया गया है। अब यह भूमि उसने अपनी दादी के नाम अंतरण करा दी है। -चंद्र शिकायतकर्ता, निवासी निमड़ीवाली

आरोपी के दादा ने करीब 15 साल पहले बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया था, जो अब 49 लाख रुपये हो चुका है। इसकी एवज में आरोपी के परिवार की करीब 14 एकड़ भूमि बैंक के पास गिरवी रखी है। इस भूमि को कानूनन न तो बेचा जा सकता है न कोई खरीद सकता है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत उच्चाधिकारियों को दी है। - राजेश तंवर प्रबंधक भूमि अधिग्रहण बैंक अशोका रोड भिवानी।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जिस व्यक्ति ने खून के रिश्ते में भूमि का अंतरण कराया है। उसके नाम कोई लोन है तो इस संबंध में हमें ज्यादा जानकारी नहीं होती है। कोई शिकायत आती है तो इस संबंध में मामले की जांच कराएंगे।
-सुरेश कुमार, तहसीलदार, तहसील कार्यालय, भिवानी।

भिवानी तहसील कार्यालय में काफी रजिस्ट्री नियमों को ताक पर रखकर कराई जा चुकी हैं, जिनसे जुड़े काफी तथ्य संगठन के पास आ चुके हैं। इन सभी मामलों की विजिलेंस जांच कराई जाएगी। - बृजपाल सिंह परमार, अध्यक्ष, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन, भिवानी।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आर्थिक अपराध शाखा के पास शिकायत आई है। शिकायत में बताया है कि एग्रीमेंट कराने के बावजूद भूमि को खून के रिश्ते में अंतरण से दादी के नाम करा दिया है। फिलहाल आरोपों और तथ्यों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

- एएसआई प्रवीण, जांच अधिकारी आर्थिक अपराध शाखा भिवानी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें