बहल (भिवानी)। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर युवक को अवैध तरीके से म्यांमार भेजने का मामला सामने आया है। पीड़ित नितेश निवासी सिधनवा ने बहल थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दो एजेंटों ने उसे विदेश भेजने के नाम पर न केवल ठगा बल्कि म्यांमार में उसकी जान को भी खतरे में डाल दिया।
नितेश ने शिकायत में कहा कि उसका परिचित अमन निवासी सण्डवा उसके घर आया और थाईलैंड में डाटा ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का विश्वास दिलाया। इसके लिए अमन ने टिकट के नाम पर 15 हजार रुपये और नौकरी लगने के बाद 35 हजार रुपये मांगे। नितेश ने यह राशि अमन के दोस्त के खाते में भेज दी। 19 मार्च को अमन उसे दिल्ली एयरपोर्ट ले गया और टूरिस्ट वीजा व थाईलैंड की टिकट देकर फ्लाइट में बैठा दिया।
अगले दिन थाईलैंड पहुंचने पर एक अज्ञात व्यक्ति नितेश को गाड़ी में बैठाकर अवैध रूप से म्यांमार ले गया। वहां एजेंट सोनू के भाई जितेंद्र ने उसे बोकाई ग्रुप में डाटा कलेक्शन का काम दे दिया। नितेश को अमेरिकी नागरिकों का डेटा (नाम, उम्र, मोबाइल नंबर आदि) जुटाने का काम सौंपा गया। नितेश ने जब इस अवैध काम का विरोध किया तो सोनू ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि भारत लौटना है तो पांच लाख रुपये देने होंगे वरना यहां तेरी लाश भी नहीं मिलेगी।
22 अक्तूबर को म्यांमार सेना ने नितेश को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बाद में उसे थाईलैंड पुलिस को हस्तांतरित किया गया और छह नवंबर तक एयरपोर्ट पर हिरासत में रखा गया। इसके बाद उसे डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया। भारत पहुंचकर नितेश ने बहल थाने में शिकायत दी। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि नितेश की शिकायत पर सोनू और जितेंद्र के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2), 318(4), 351(2), 3(5), 143(2) के तहत केस दर्ज कर जांच एएसआई सोमबीर को सौंप दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।