कृष्णा कॉलोनी क्षेत्र में जांच करती जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम। संवाद न्यूज एजेंसी
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भिवानी। प्याज की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर में विभिन्न जगहों पर छापा मारा। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एएफएसओ नरेंद्र कुमार, खाद्य निरीक्षक अजय पंवार, खाद्य सहायक निरीक्षक रुपेश ने थोक व खुदरा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर प्याज का स्टॉक जांचा और उसका रिकार्ड से भी मिलान किया। इस मौके पर मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अनिल कालरा के निर्देश पर एएफएसओ नरेंद्र कुमार की टीम ने शहर के कृष्णा कॉलोनी सब्जी मंडी चौक क्षेत्र में खुदरा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर प्याज का स्टॉक जांचा। इस दौरान यहां पर टीम को 10 से 15 क्विंटल प्याज का स्टॉक ही मिला। इसके बाद टीम रोहतक गेट स्थित सब्जी मंडी में पहुंची। जहां पर थोक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर प्याज के भंडारण की जांच की गई। मंडी में थोक विक्रेताओं के पास भी अधिकतम 80 क्विंटल तक का भंडारण मिला। एएफएसओ नरेंद्र कुमार ने बताया कि प्याज की कालाबाजारी की रोकथाम के लिए विभाग ने छापा मारा है। इस दौरान सभी प्रतिष्ठानों पर प्याज के भंडार की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार थोक विक्रेताओं द्वारा प्याज का अधिकतम स्टॉक 250 क्विंटल यानी 25 मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। जबकि खुदरा व्यापारी द्वारा न्यूनतम प्याज का स्टॉक 20 क्विंटल यानी दो मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। अगर जांच के दौरान इससे अधिक प्याज का स्टॉक मिलता है तो कालाबाजारी के अंतर्गत आता है और संबंधित अधिनियम के तहत इस मामले में प्रतिष्ठान मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आलू और प्याज के दामों ने रुलाए
कोविड-19 संक्रमण में अनलॉक की स्थिति के बावजूद भी आलू और प्याज के साथ-साथ अन्य सब्जियों ने लोगों को महंगाई के आंसू रुला दिया है। लगातार तीन माह से सब्जियों के दामों में ठहराव आ गया है। इस वजह से आम लोगों के बजट से भी सामान्य सब्जियां बाहर हो गई हैं। प्याज 40 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है वहीं आलू भी 40 रुपये प्रति किलो है। अब आलू की नई खेप आने के बाद ही दामों में कुछ राहत की उम्मीद बंधेगी।