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घर डूबे, ईंधन भीगा, गांव छोड़ने को मजबूर ग्रामीण

Tue, 30 Aug 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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घरो में घुसा पानी - फोटो : फाइल फोटो
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बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। गांवों की निचली बस्तियों में जलभराव होने से ग्रामीणों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का ईंधन व घर पानी से लबालब होने पर अब सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से गांवों में भी हालात खराब हो गए हैं। गांव चरखी, पांडवान, बिरही कलां, रासीवास आदि गांवों में स्थित निचली बस्तियों में बरसाती पानी का जमाव होने से लोगों का जन- जीवन बेहद प्रभावित हो रहा है। गांव पांडवान मेें गलियों व सड़कों पर भारी मात्रा में बरसाती पानी का जमाव बना हुआ है। गांव में स्थित पीएचसी केंद्र में भी बरसाती पानी घुस गया है।
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गांव सरपंच राजकरण, राजेंद्र सिंह, रामकृष्ण, ओमप्रकाश, वेदप्रकाश, राजकुमार ने बताया कि तकरीबन पूरे गांव में बरसाती पानी का जमाव बना हुआ है। गलियों से गुजरना मुश्किल बना हुआ है। ग्रामीणों का ईंधन पानी में डूब गया है। कई मकानों में पानी घुसने से घरेलू सामान भी खराब होने काफी आर्थिक नुकसान हो गया है। गांव सरपंच राजकरण ने प्रशासन से गांव से बरसाती पानी निकासी का उचित प्रबंध करवाए जाने की मांग की है। गांव बिरही कलां, चरखी, रासीवास आदि गांवों में भी जलभराव होने की वजह से ग्रामीणों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन गांवों की बाहरी बस्ती में जलभराव होने से  आवागमन मेें अधिक परेशानी आ रही है। वैसे भी इन गांवों में जलस्तर काफी ऊपर है। गांव चरखी के तीन ओर से नहरें गुजरती हैं इस वजह से थोड़ी सी बारिश होने पर ही हालात खराब हो जाते हैं। गांव बिरही कलां भी वर्षो से तराई एरिया बना हुआ है। यहां चव्वे की समस्या बनी हुई है। इन गांवों में धान की रोपाई की वजह से भी हालात खराब हो जाते हैं।
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