तीन माह के सड़क हादसों के विश्लेषण के बाद जिला पुलिस ने शुक्रवार को पांच दिवसीय जीरो टॉलरेंस अभियान की शुरुआत की। दोपहर बाद तक स्थिति सामान्य रही और पुलिस के सामने से बिना हेलमेट, एक-एक बाइक पर तीन-तीन सवार, मोबाइल फोन पर बात करते निकलते युवा पुलिस के जीरो टोलरेंस अभियान की धज्जियां उड़ाते दिखे। शाम पांच बजे पुलिस ने सख्ती दिखाई और छह विशेष नाकों के अलावा सभी मुख्य स्थानों से शहर की नाकेबंदी कर एक के एक बाद बिना हेलमेट घूमने वाले वाहनों के चालान काटे। अकेले ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट और बिना मास्क के मिले लोगों के 100-100 चालान किए। अन्य थाना पुलिस ने भी अपने-अपने क्षेत्र में नाकेबंदी कर बिना हेलमेट घूमने वालों के चालान किए।
पुलिस का विश्लेषण : 116 सड़क हादसों में 52 की हो चुकी मौत
उल्लेखनीय है कि जिला पुलिस ने पिछले तीन माह के सड़क हादसों का विशेष विश्लेषण किया। इसमें पाया कि 116 सड़क हादसों में 52 की मौत हुई और 106 घायल हुए। मृतकों में 50 फीसदी की आयु 35 वर्ष से कम थी। 24 मृतक ऐसे थे, जिन्होंने बाइक पर हेलमेट नहीं पहना था। इसी को ध्यान में रखते हुए एसपी ने पांच दिन तक जीरो टॉलरेंस अभियान चलाने का निर्णय लिया।
पहले दिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। दिनभर लोग बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए और फोन पर बात करते हुए जाते हुए दिखे तो कई जगह बिना हेलमेट बाइक पर तीन-तीन ही नहीं चार-चार सवार भी दिखे। शाम चार बजे तक जीरो टॉलरेंस जैसा शहर में कुछ नजर नहीं आया। हालांकि चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रही, जो सामान्य दिनों की तरह वाहनों की जांच कर चालान कर रही थी। काफी वाहन चालक उनके सामने से भी बिना हेलमेट के गुजरे।
शाम को चला पुलिस का डंडा, काटे चालान पर चालान
शाम पांच बजे पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। शहर के घंटाघर चौक, घंटाघर चौक, तोशाम बाईपास, सेक्टर 13-23 चौक, महम गेट, मिनी बाईपास, सब्जी मंडी के सामने विशेष नाकेबंदी की गई। सेक्टर 13 मोड़ सहित विभिन्न मुख्य मार्गों पर भी थाना-चौकी पुलिस ने नाकेबंदी की। शहर की नाकेबंदी कर जांच का विशेष अभियान चलाया गया और हेलमेट नहीं लगाने वालों के चालान किए। साथ ही मास्क नहीं लगाने वालों के भी चालान किए गए। रात आठ बजे तक पुलिस का यह विशेष अभियान चला। अभियान के दौरान अकेले ट्रैफिक पुलिस ने 200 से अधिक चालान किए।
हम तो पुलिस में हैं, हमारा कैसा चालान
लोगों को जागरूक करने वाले और चालान काटने वाले पुलिसकर्मी ही ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते। जीरो टॉलरेंस के पहले दिन के दौरान भी कुछ राइडर बिना हेलमेट, बिना मास्क शहर के चौक-चौराहों पर घूमते दिखे। शायद उनके मन में यही है कि हम तो पुलिस में हैं, हमारा कैसा चालान।
शाम को होते हैं ज्यादा हादसे
जीरो टॉलरेंस का आज पहला दिन था और कल से और ज्यादा सख्ती की जाएगी। तीन माह के सड़क हादसों के विश्लेषण में पाया कि ज्यादातर हादसे शाम को होते हैं। सुबह तो नौकरीपेशा लोग ड्यूटी पर जाते हैं। ऐसे में शाम पर विशेष फोकस है।
- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक
हांसी गेट पर सुबह 09:50 बजे बाइक पर सवार तीन लोगों को रोकते हुए होमगार्ड। संवाद- फोटो : Bhiwani
हांसी गेट पर सबह 10:59 बजे बगैर हेलमेट लगाए जातीं युवतियों को रुकवाता होम गार्ड का जवान। संवाद- फोटो : Bhiwani
सरकुलर रोड पर समय सुबह 10: 10 बजे नियमों को ताक पर फोन सुनते हुए अपने गंतव्य को जाते हुए बाइक सवार युवा- फोटो : Bhiwani