भिवानी। सरपंच की फर्जी मार्कशीट के खुलासे से बडेसरा में शुरू हुआ खूनी खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बडेसरा निवासी पूर्व सरपंच पवन की हत्या के मुख्य गवाह राजकुमार पर बाइक सवार हथियारबंद चार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उसे उपचार के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में लेकर गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी हेड क्वार्टर विरेंद्र सिंह अपनी टीम सहित अस्पताल में पहुंचे और घायल राजकुमार से घटना की जानकारी ली। इसके अलावा गांव बडेसरा में भी तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। सूचना मिलते ही सीआईए सहित अन्य कई टीम गांव में पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार शाम पांच बजे बडेसरा निवासी 45 वर्षीय राजकुमार अपने खेत से वापस घर पहुंचा था। इसके बाद वह अपने घर के सामने ही चबूतरे पर बैठ गया। इस दौरान सुरक्षाकर्मी भी वहां तैनात थे। इसी दौरान दो बाइकों पर चार हथियारबंद बदमाश वहां पहुंचे। बाइक रुकते ही चारों ने राजकुमार पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग शुरू की तो राजकुमार को वहां से भागने का मौका मिल गया। वह अपने घर के अंदर जा ही रहा था कि उसके पेट में गोली लग गई और कोहनी और पांव में भी छर्रे लगे हैं। घायल राजकुमार के अनुसार कई देर तक दोनों ओर से फायरिंग होती रही। बदमाशों ने दर्जनों गोलियां चलाईं। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भैणी महाराजपुर की तरफ फरार हो गए।
सरपंच के खिलाफ आरटीआई से शुरू हुआ था विवाद
बडेसरा निवासी बलजीत ने वर्ष 2017 में गांव की सरपंच सुदेश के खिलाफ एक आरटीआई लगाई थी। उसमें सुदेश की 10वीं कक्षा की मार्कशीट फर्जी पाई गई थी। तब से दोनों पक्षों में रंजिश हो गई। उसके बाद बलजीत और उसके परिवार के पांच लोगों की हत्या की जा चुकी है। वर्ष 2017 में बलजीत, उसके चाचा भल्लेराम और ताऊ महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद अक्तूबर 2019 में पूर्व सरपंच पवन की भी हत्या कर दी गई। 2017 में हुए तिहरे हत्याकांड में मृतक बलजीत का ताऊ सूबेसिंह मुख्य गवाह था। जुलाई 2020 में सूबेसिंह की भी उसके घर के सामने ही तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा इसी परिवार के कई लोगों पर जानलेवा हमले भी हो चुके हैं।
राजकुमार की जगह शिकार बना था सूबेसिंह
एक साल पहले भी राजकुमार को जान से मारने की योजना बनाई गई थी। बदमाश राजकुमार को मारने पहुंचे तो वह नहीं मिला। मगर उस समय राजकुमार की जगह बदमाशों ने उनके ताऊ सूबेसिंह की हत्या कर थी।
मौके पर बाइक छोड़कर भागे
राजकुमार की हत्या के इरादे से चारों बदमाश दो बाइकों पर आए थे। पुलिस द्वारा जवाबी फायरिंग करने पर वे मौके से फरार हो गए। मगर जाते समय अपनी एक बाइक वहीं पर छोड़ गए। अब पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। सूचना मिलते ही चारों ओर नाकेबंदी कर दी गई तथा बदमाशों की धरपकड़ के लिए छापे मारे जा रहे हैं।
जो भी गवाह बना, उसी पर हमला
इस विवाद में 2017 में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद जो भी गवाह बना, उसी पर हमला किया गया। इन हमलों में दो गवाहों की मौत भी हो चुकी है। अब राजकुमार पर भी जानलेवा हमला इसलिए किया गया है, क्योंकि वह पूर्व सरपंच पवन की हत्या का गवाह था। इससे पहले पूर्व सरपंच पवन की हत्या भी इसलिए की गई थी, क्योंकि वह भी तिहरे हत्याकांड केे मुख्य गवाह था। सूबेसिंह की हत्या भी तिहरे हत्याकांड में गवाह होने के चलते ही की गई थी।
गांव में तनाव का माहौल
ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद गांव बडेसरा में तनाव का माहौल बन गया है। हालांकि लगातार चले आ रहे इस खूनी खेल के कारण परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। मगर बदमाशों को इसका कोई खौफ नहीं है। परिवार पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
कई बदमाश आए पुलिस के रडार पर
घायल राजकुमार ने बताया कि हमला करने वाले बदमाशों को उन्होंने पहली बार देखा था। इसलिए पुलिस इसी आधार मामले की जांच कर रही है। पुलिस गिरफ्त से बाहर और हाल ही में जेल से जमानत पर छूटे बदमाशों की कुंडली पुलिस खंगाल रही है।
अवैध हथियार भी चुनौती
इस मामले में सामने आया है कि बदमाशों के पास कई अवैध हथियार थे और उन्होंने ताबतोड़ फायरिंग की। आशंका है कि इतनी बड़ी वारदात लाइसेंसी हथियारों की गई होगी। अब यह भी अंदेशा है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध हथियारों का कारोबार चल रहा है। पुलिस ने अब इस एंगल भी जांच करनी शुरू कर दी है।
नाकाबंदी कर दी है
पुलिस को सूचना मिली थी कि बडेसरा हत्याकांड के मुख्य गवाह राजकुमार पर शनिवार शाम को बाइक सवार बदमाशों ने जानलेवा हमला किया है। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए हैं। इसके बाद पुलिस ने उनको पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर दी। मामले की जांच और बदमाशों को काबू करने के लिए टीम गठित की गई है। राजकुमार के बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस टीम भी तैनात कर दी गई है।
- विरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर, भिवानी।