पोहकरवास की बेटी स्नेहा को हैलीकॉप्टर की डोली से विदा करते हुए परिवार के सदस्य। संवाद
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कैरू खंड के गांव पोहकरवास निवासी हरबंश शर्मा ने अपनी गोद ली हुई बेटी की शादी की डोली की रस्म हेलीकॉप्टर से पूरी कर मिसाल कायम की है। हरबंश शर्मा को कोई बेटी नहीं थी। उसने अपने भाई हरबिलाश शर्मा की बेटी स्नेहा को गोद लिया और उसका लालन-पालन कर पढ़ाया-लिखाया।
बेटी के विवाह योग्य होने पर कतवार गांव में रिश्ता किया। तय समय पर दूल्हा बरात लेकर पोहकरवास पहुंचा। पिता हरबंस शर्मा ने अपनी गोद ली बेटी की विदाई के लिए हेलीकॉप्टर को बुक किया और विदाई करते समय दूल्हा-दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा किया।
बेटी स्नेहा बोलीं - पापा ने जता दिया कि बेटी से बढ़कर कुछ नहीं
दुल्हन स्नेहा ने बताया कि मेरा सपना आज पापा हरबंश शर्मा ने पूरा कर दिखाया है। बेटी की विदाई हर पिता का एक सपना होती है। ऐसे हेलीकॉप्टर में विदाई कर मेरे पापा ने जता दिया कि बेटी से बढ़कर बाप के लिए और कुछ नहीं होता। हरबंश शर्मा ने बेटी की विदाई पर कहा कि आज मन खुश है। स्नेहा को जब गोद लिया था तब सोचा था कि बेटी की विदाई भव्य तरीके से करूंगा। आज हेलिकाप्टर से बेटी और दामाद को विदा कर दिल को सुकून मिला है। इस अवसर पर हरि चरण शर्मा, मनीराम शर्मा, जगदीश शमा, आनंद, सरपंच डॉ. जयशंकर, हरबिलास शर्मा, महेंद्र, सुधीर, राजेश, पुरुषोत्तम, राधेश्याम उपस्थित रहे।