पत्रकारवार्ता को संबोधित करते सोमाणी। संवाद
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भिवानी। डाडम क्षेत्र में पहाड़ दरकने से हुई दुर्घटना दुखदायी है। इस दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को प्रदेश सरकार द्वारा कम से कम 15-15 लाख रुपये मुआवजा देना चाहिए। यह बात आज राष्ट्रीय नवचेतना मंच के राष्ट्रीय संयोजक विजय सोमाणी ने डाडम के दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने के बाद स्थानीय प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए। इस मामले में जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों का जीवन लीलने वाली आपदा पर राजनीति पार्टियों द्वारा जिस प्रकार राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं वह और भी अधिक कष्टदायी है। माइन सेफ्टी डिपार्टमेंट को भी इस जांच के अधीन लाया जाए और जवाबदेही तय की जाए। सोमाणी ने कहा कि डाडम क्षेत्र की माइन हजारों लोगों के रोजगार से जुड़ी हुई है। इसके आस-पास लगते क्षेत्र पूरी तरह विकास से परे है, जहां न तो कोई रोजगार है और न ही मूलभूत सुविधाएं। बंजर भूमि के कारण ये क्षेत्र कृषि में भी पूरी तरह पिछड़ा हुआ है। इन विकट परिस्थितियों में हजारों परिवारों का गुजर-बसर इस पहाड़ पर ही निर्भर है। उन्होंने कहा कि खनन कार्य बंद होने से पूरे प्रदेश का निर्माण कार्य बाधित हो गया है। अगर यहां खनन कार्य शीघ्र शुरू नहीं हुआ तो प्रदेश की जनता को राजस्थान से महंगी निर्माण सामग्री खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसलिए प्रदेश सरकार किसी प्रकार की देर न करते हुए हादसे की जांच करवाकर जल्द से जल्द खनन नीति के तहत संपूर्ण सुरक्षा उपायों के साथ दोबारा खनन कार्य शुरू करवाए।