डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय निगरानी समिति की समीक्षा बैठक में दिशा निर्देश देते डीसी साहिल
भिवानी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को उनकी फसलों के नुकसान का मुआवजा अब 12 प्रतिशत ब्याज के साथ मिलेगा। जिला उपायुक्त साहिल गुप्ता ने बीमा कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्ष 2019 से लेकर 2022, 2023 और 2024-25 तक की फसल खराबा राशि का भुगतान 15 दिन के भीतर किसानों के खातों में किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में भुगतान न करने पर संबंधित बीमा कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
डीसी सोमवार को लघु सचिवालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में आयोजित जिलास्तरीय निगरानी समिति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुल 33 एजेंडे रखे गए जिनमें कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और बीमा कंपनियों के साथ फसल बीमा भुगतान प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। डीसी ने कहा कि किसानों को बीमा राशि में देरी का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा, इसका उत्तरदायित्व बीमा कंपनियों का होगा। उन्होंने बैंक अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि किसानों के बीमा पंजीकरण में किसी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत लीड बैंक प्रबंधक से संपर्क कर समाधान करवाएं।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने डीसी को फसल बीमा योजना और भुगतान प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से 2022 तक एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी, वर्ष 2023 में क्षेमा जनरल इंश्योरेंस और वर्ष 2024-25 तक रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को योजना के तहत अधिकृत किया गया है। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि रबी 2024-25 में 78,17,908 रुपये की बीमा क्लेम राशि किसानों को दी जा चुकी है। खरीफ 2025 में जिले के 59,133 किसानों ने लगभग 82 हजार हेक्टेयर भूमि का बीमा करवाया है। इस अवसर पर डीएचओ डॉ. देवीलाल, एलडीएम विभूति पांडेय, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी भी मौजूद रहे।