लोहारू। उपमंडल के गांव गिगनाऊ स्थित अर्ध शुष्क बागवानी उत्कृष्ट केंद्र में बागवानी के उपनिदेशक डॉ. आत्माराम गोदारा की अध्यक्षता में पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को बागवानी संबंधी जानकारी दी गई और किसानों को परंपरागत खेती के बजाय बागवानी खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सब्जी विज्ञान विभाग के रिटायर्ड विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार अरोड़ा, कार्यक्रम इंचार्ज डॉ. सचिन, डॉ. रामस्वरूप साहू ने किसानों को सब्जी उत्पादन व बागवानी की जानकारी दी। उपनिदेशक डॉ. आत्मप्रकाश ने किसानों को बताया कि वर्तमान समय में परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जी उत्पादन तथा बागवानी फसलों में आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। किसान परंपरागत खेती के बजाय फल, फूल, बागवानी और सब्जी उत्पादन में ध्यान दें ताकि उनकी आय भी कई गुना बढ़ेगी और खुशहाली आएगी।
उपनिदेशक डॉ. आत्मप्रकाश ने कहा कि बागवानी विभाग की ओर से समय-समय पर बागवानी उत्कृष्टता केंद्र पर प्रशिक्षण शिविर के तहत किसानों को बागवानी फसलों की जानकारी दी जाती है। डॉ. आत्मप्रकाश ने नेट हाउस, पोली हाउस पर अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बागवानी विभाग द्वारा किसानों को दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सब्जी विज्ञान विभाग के रिटायर्ड विभाग अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार अरोड़ा ने किसानों को संरक्षित ढांचे जैसे कि नेट हाउस, पॉली हाउस में टमाटर, शिमला मिर्च तथा खीरे की खेती की उत्पादन तकनीक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सब्जी उत्पादन में खाद, बीज तथा कीटनाशक दवाइयां की भी विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि परंपरागत फसलों के बजाय किसान सब्जी उत्पादन करके कई गुना मुनाफा कमा सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम इंचार्ज डॉ. सचिन ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण में बैच वाइज किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. रामस्वरूप साहू ने खुले में सब्जी उत्पादन लेने की जानकारी दी और किसानों को सब्जी उत्पादन तथा बागवानी फसलों को अपनाने का आह्वान किया ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके।