अनिश्चित कालीन किसान महपड़ाव में सभा को संबोधित करते वक्ता। संगठन
लोहारू। संयुक्त किसान मोर्चा भिवानी के आह्वान पर अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर लोहारू एसडीएम कार्यालय पर 24 घंटे अनिश्चित कालीन किसान महापड़ाव दूसरे दिन वीरवार को भी किसान डटे रहे। किसानों ने अपनी मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया। टेंट लगाकर तिरपाल सहित स्थायी ठिकाना बना लिया है और वहीं पर सोने व खाने-पीने की व्यवस्था बना ली है।
पड़ाव की अध्यक्षता किसान नेता रामफल देशवाल, जगदीश बारवास, रिटायर्ड प्रिंसिपल पृथ्वी सिंह गोठड़ा व देवी दयाल पहाड़ी ने संयुक्त रूप से की। कप्तान इंदराज सांगवान, राजेंद्र सेखावत, धर्मपाल बारवास व सुरेश फटरिया ने कहा कि जब तक 2023 के खरीफ फसल के 350 करोड़ रुपये बीमा फ्रॉड व 2022-23 की रबी फसलों के 480 करोड़ रुपये बकाया मुआवजे, फरवरी-2025 में हुई ओलावृष्टि के मुआवजे व अन्य 12 मांगों का समाधान नहीं होता तब तक महापड़ाव जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान लगातार इन मांगों को लेकर धरने-प्रदर्शन करते रहे हैं और राज्य के कृषि मंत्री व मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दे चुके है लेकिन राज्य सरकार उनकी जायज बात को अनसुना कर रही है। उन्हें मजबूर होकर सरकार के किसानों के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया होने के कारण उन्हें यह पक्का मोर्चा लगाना पड़ा।
महापड़ाव को किसान नेता मास्टर जगरोशन, डॉ. बलबीर ठाकन, मास्टर उमराव सिंह, कविता आर्य एडवोकेट, अशोक आर्य एडवोकेट, कर्ण सिंह जैनावास, रामकुमार ढिल्लो, मास्टर दयानंद दमकोरा आदि नेताओं ने संबोधित किया।