किसानों का अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते वक्ता।
लोहारू। किसान संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों की मांगों को लेकर लोहारू एसडीएम कार्यालय पर चल रहा अनिश्चितकालीन महापड़ाव रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने फसल बीमा घोटाले की जांच की मांग की। इस दौरान महापड़ाव की अध्यक्षता धर्मपाल गिगनाऊ, रोहताश झूंपा खुर्द, सुमेर सिंह और बलवंत खरकड़ी ने संयुक्त रूप से की।
किसानों को संबोधित करते हुए पूर्व जिला परिषद चेयरमैन राजबीर टोडा ढाणी, किसान नेता मास्टर जगरोशन, डॉ. बलबीर ठाकन, पूर्व प्राचार्य पृथ्वी सिंह गोठड़ा ने आरोप लगाया कि खरीफ फसल 2023 के फसल बीमा में भारी गड़बड़ी की गई है। वक्ताओं का कहना था कि क्षेमा बीमा कंपनी ने कृषि कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से भिवानी और दादरी जिलों के किसानों को लगभग 350 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम से वंचित कर दिया है।
किसानों ने बताया कि एक ओर बवानीखेड़ा, भिवानी और दादरी तहसीलों के अधिकांश गांव जलभराव से प्रभावित हैं वहीं दूसरी ओर बाढ़ड़ा, लोहारू और तोशाम क्षेत्रों में नहरी पानी की भारी किल्लत है। वक्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी कर उसे नहरों में छोड़ा जाए ताकि सूखा प्रभावित इलाकों को राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने खेतों की विशेष गिरदावरी करवाने और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई।
किसानों ने यूरिया और डीएपी खाद की त्वरित उपलब्धता की भी मांग की। महापड़ाव में दयानंद मास्टर, सुरेश फरटिया, रामसिंह शेखावत, कृष्ण, राजेराम सरपंच खेड़ा, धर्मपाल फरटिया सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।