फसल की कटाई बेशक शुरू हो गई है, उसके बावजूद किसान आंदोलन तेजी पकड़ रहा है। यह बात किसान नेता नर सिंह, बलवंत नंबरदार ने कितलाना टोल पर चल रहे धरने में कही। उन्होंने कहा कि सरकार को इस जनांदोलन को सुलझाने के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए। सरकार आंदोलन को लंबा खींचकर तोड़ना चाहती थी लेकिन 113 दिन बीत जाने के बाद जिस प्रकार किसान, मजदूर मैदान में डटे हैं, उससे सरकार का भ्रम निश्चित तौर पर टूट गया होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सत्ता के नशे में बेखबर हैं लेकिन जान लें कि ये कुर्सी स्थायी नहीं है। देर सवेर उन्हें जनता की अदालत में आना ही होगा। किसान आज भी पूरी शांति से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
कितलाना टोल पर धरने के 83वें दिन खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, सर्वजातीय खाप श्योराण 25 के प्रधान बिजेंद्र बेरलाए खाप फौगाट 19 के प्रधान बलवंत नंबरदार, करतार सिंह, मा. दिवान सिंह, दिलबाग ढुल, मंगल सुई, कृष्णा सांगवान, बीरमति कामरेड ओमप्रकाश, सुभाष यादव ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। यही वजह है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी बातचीत के लिए आगे नहीं बढ़ रही है। मंच संचालन दिलबाग ग्रेवाल ने किया। इस अवसर पर सुरेश फौगाट, मा. ओमप्रकाश कितलाना, राज कुमार हड़ौदी राजू मान, कमल प्रधान, बलबीर बजाड़, कप्तान रामफल, महाबीर फौजी, रत्तन सिंह बडेसरा, कमल सिंह सांगवान, प्रोफेसर राजेंद्र डोहकी, प्रोफेसर जगमिंद्र, चंद्रकला, जगदीश हुई, सत्यवान कालुवाला, देशराम भांडवा, आजाद सिंह, सुल्तान खान आदि मौजूद रहे।
महिलाओं ने पक्षियों के लिए रखा पानी
बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए कृष्णा छपार, बीरमति डोहकी, राजबाला और निम्बो ने पक्षियों के लिए धरने पर पानी रखा। उन्होंने कहा कि गर्मी में प्यासे पक्षी इधर-उधर भटक रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से इस प्रकार की पहल को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।