किसान आंदोलन : प्रशासन के दबाव बनाने से भड़के किसान, कितलाना टोल प्लाजा पर उमड़ी भीड़
प्रशासन ने किसानों पर दबाव बनाया तो किसान भड़क उठे और शुक्रवार को खासी संख्या में किसान कितलाना टोल प्लाजा पर पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष जताया। साथ ही जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि किसी किसान नेता के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की तो परिणाम गंभीर होंगे। वहीं धनाना और मित्ताथल में ग्रामीणों ने बैठके कर आंदोलन के दौरान संयम बरतने, शांति रखने की शपथ ली। जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। जिले में धारा 144 लागू करने के अलावा पुलिस के साथ-साथ सभी विभाग अध्यक्षों को अलर्ट किया गया है। शुक्रवार शाम पांच बजे से मोबाइल इंटरनेटल् सेवा भी बंद हो गई है। जिससे लोग परेशान रहे।
कितलाना टोल प्लाजा से धरना उठाने को लेकर प्रशासन के दबाव के विरोध में शुक्रवार को भारी संख्या में किसान कितलाना टोल पर उमड़े। किसानों ने धरने पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अनिश्चित कालीन धरने के 36वें दिन आंदोलनकारियों ने सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा के एक भी नेता या कार्यकर्ता के खिलाफ कोई कार्यवाही की तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। जब तक धरना चलेगा किसी तरह का टोल नहीं वसूलने दिया जाएगा। वहीं धनाना व मित्ताथल गांव में किसानों ने पहले शांति, संयम रखने की शपथ ली और दिल्ली के लिए रवाना हुए।
किसान नेताओं ने कहा आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकार ने षड्यंत्र रचा था, वह बेनकाब हो गया है। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रणसिंह मान ने कहा कि सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा नेता राकेश टिकैत के साथ जो ज्यादती की, उसको लेकर जनता में भारी रोष है। धरने की अध्यक्षता नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, बिजेंद्र श्योराण, रघुबीर श्योराण, राकेश आर्य, रत्तन जिंदल, बलबीर बजाड़ और सुभाष यादव ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश और रणधीर घिकाड़ा ने किया।
संयम, शांति बनाए रखने की शपथ के साथ हुए दिल्ली रवाना
भिवानी। दिल्ली घटनाक्रम के बाद किसान अब गांधीगिरी अपनाने की शपथ के साथ दिल्ली कूच करने लगे है। शुक्रवार को कई गांवों में बैठके हुई। धनाना व मित्ताथल गांव में किसानों ने शांति और संयम रखने की शपथ ली और फिर टै्रक्टरों पर राशन लेकर दिल्ली कूच किया। किसानों का आरोप है कि दिल्ली में 26 जनवरी को जो कुछ हुआ, वो सरकार द्वारा सुनियोजित था। किसान अनील व रोहताश ने बताया कि किसान नेता राकेश टिकेत के आसूंओं से आंदोलन की धार तेज हो गई है।
सरकार का पुतला जलाया
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने दिनोद गेट पर सरकार का पुतला फूंका और गाजीपुर बार्डर व अन्य जगहों पर किसान आंदोलन के नेताओं को डराने-धमकाने की निंदा की। किसान नेताओं ने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन ने हमारे देश के लाखों लोगों के बीच आशा की एक नई किरण पैदा की है। लोगों ने इसमें एक ऐसी अदम्य वीरता देखी है जो सभी प्रकार की रुकावटों को धता बताते हुए आन्दोलन को लक्ष्य तक पहुंचा सकती है। इस मौके पर किसान संगठन के जिला अध्यक्ष जिले सिंह, जिला सचिव रोहताश, बस्ती राम, राज कुमार व भवन निर्माण के सचिव राजकुमार बासिया, धर्मवीर, बृजमोहन, सलमान खरक आदि शामिल रहे।
गांव पटौदी में किसान आंदोलन को लेकर ग्रामवासियों की एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता कृष्ण कुमार प्रधान ने की। इस दौरान ग्रामीण संजू दलाल, प्रेम कड़वासरा, कृष्ण प्रधान, बलवान सिंह नंबरदार, रणधीर सिंह धीरा, ओम प्रकाश एडवोकेट, भाकियू प्रदेश मुख्य सलाहकार कैप्टन होशियार सिंह आदि ने अपने विचार रखें। बैठक में फैसला लिया कि गांव पटौदी से सैकड़ों की संख्या में युवा किसान कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली जाएंगे।