कस्बा बवानीखेड़ा के राजकीय महिला महाविद्यालय में संविधान हत्या दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलो
बवानीखेड़ा। राजकीय महिला महाविद्यालय, बवानीखेड़ा में आयोजित संविधान हत्या दिवस पर जन जागरूकता प्रदर्शनी के दौरान विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है जिसे देश की जनता कभी नहीं भूल सकती। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान देशवासियों को अनेक यातनाएं और अत्याचार सहने पड़े। नागरिकों के अधिकारों का दमन किया गया और विपक्षी नेताओं को जेलों में डालकर लोकतांत्रिक ढांचे को कुचला गया।
विधायक ने कहा कि देश संविधान से चलता है लेकिन तत्कालीन सरकार ने मनमाने तरीके से लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे इस इतिहास को जानें और समझें ताकि भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी और आजादी के बाद लोकतांत्रिक प्रणाली को तोड़ना उन शहीदों के बलिदान का अपमान है।
इस अवसर पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र सिंगल ने प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें सत्याग्रहियों के संघर्ष, प्रेस पर सेंसरशिप, नागरिक अधिकारों के हनन, संविधानिक ढांचे पर हमले तथा विपक्षी नेताओं को जेल में बंद करने जैसी घटनाओं को चित्रों व तथ्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को आपातकाल की सच्चाई से रूबरू कराना है। इस कार्यक्रम में नगर पालिका चेयरमैन सुंदर अत्री, विनीत तंवर, पार्षद मास्टर सुरेश, कॉलेज प्राचार्य प्रवीन कुमार, डॉ. रमन सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।