भिवानी। नगर परिषद की नंदीशाला की अब कायापलट होने जा रही है। ढाई से तीन हजार बेसहारा नंदियों को एक साथ आसरा देने लायक इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए नगर परिषद ने करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से 400 वर्ग फीट क्षेत्र में नया कवर्ड शेड, पक्का फर्श, चारा शेड और चहारदीवारी निर्माण का खाका तैयार किया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बारिश का मौसम खत्म होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नगर परिषद की चेयरपर्सन प्रीति भवानी प्रताप सिंह ने बताया कि नंदीशाला को व्यवस्थित और मौसम प्रतिरोधी बनाने के लिए यह योजना बनाई गई है। नंदीशाला का यह अपग्रेडेशन न केवल पशुओं को सुरक्षित आसरा देगा बल्कि नगर परिषद की ओर से गोसेवा के प्रति एक सकारात्मक पहल भी होगी। फिलहाल हालुवास गेट स्थित नगर परिषद की नंदीशाला की हालत बेहद दयनीय है। यह नंदीशाला मूल रूप से 700 नंदियों के लिए बनी थी लेकिन वर्तमान में यहां 900 से अधिक नंदी रखे गए हैं। बारिश के मौसम में अधिकतर नंदी खुले में ही रह रहे हैं और जगह-जगह कीचड़ जमा है जिससे नंदियों के खुर सड़ने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
पुराने शेड कई बार की आंधियों में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जिससे न तो छांव की सुविधा रह गई है और न ही बारिश से बचाव की कोई व्यवस्था बची है। नंदीशाला सेवा दल के सदस्य अमित बंसल ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले ही नगर परिषद को पत्र लिखकर शेड की खस्ता हालत और नई शेड की जरूरत से अवगत कराया था। संवाद
सेवा दल ने की थी पेशकश, नगर परिषद ने पहले लौटाया था प्रस्ताव
नगर परिषद और नंदीशाला सेवा दल के बीच नए शेड के निर्माण को लेकर काफी समय तक गतिरोध बना रहा। सेवा दल ने पहले करीब 20 लाख रुपये के सहयोग से नया फर्श और आंशिक शेड तैयार कराया था, जिससे करीब 400 नंदियों को छांव मिल सकी। लेकिन जब दल ने आगे और शेड निर्माण की पेशकश की तो नगर परिषद ने यह कहकर प्रस्ताव ठुकरा दिया कि ढांचागत निर्माण उनका कार्य नहीं, सेवा दल केवल चारा-पानी की व्यवस्था तक सीमित रहे। अब जब नगर परिषद ने स्वयं ढाई करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है तो उम्मीद की जा रही है कि यह विवाद अब खत्म हो जाएगा और नंदीशाला को नया स्वरूप मिलेगा।
नगर परिषद की नंदीशाला को जल्द ही अपग्रेड किया जाएगा। ढाई करोड़ रुपये की लागत से टेंडर कराए जा चुके हैं। नंदीशाला की क्षमता बढ़ाकर तीन हजार नंदियों तक की जाएगी और मौसम से सुरक्षा के लिए कवर्ड शेड, चहारदीवारी और चारा शेड भी बनाया जाएगा। - प्रीति भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन, नगर परिषद भिवानी
900 से ज्यादा नंदियों के लिए मौजूदा व्यवस्था नाकाफी है। बारिश में हालात बिगड़ जाते हैं और सर्दियों में तो और ज्यादा कठिनाई होगी। हमने पहले ही नगर परिषद को पत्र भेजकर नए शेड की मांग की थी। अगर अब वे खुद निर्माण कर रहे हैं तो जल्द से जल्द काम शुरू हो। -अमित बंसल, सदस्य, नंदीशाला सेवा दल भिवानी