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गोवंश अवशेष मामला: गोवंश का वध कर मांस सप्लाई करने वाले सभी है आपस में रिश्तेदार

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नगर परिषद के दादरी रोड स्थित मुख्य डंपिंग प्वाइंट पर गोवंश का वध कर मांस दिल्ली सप्लाई करने और अवशेष कट्टों में डाल नाले में फेंकने वाले सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार और परिवार के सदस्य है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह सामने आया है और सभी का जुड़ा उत्तर प्रदेश के संबल से है। पुलिस ने बुधवार को पकड़े दो आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं एक आरोपी को पहले ही पुलिस ने चार दिन के रिमांड पर ले रखा है।
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उल्लेखनीय है कि छह मार्च को लोहारू रोड अनाज मंडी ओवरब्रिज के पास स्थित गंदा नाला में गोवंश के अवशेष प्लास्टिक कट्टों में मिले थे। गोसेवकों ने जांच की तो 20 सिर, 36 खुर और 10 खाल मिली थी। उसके बाद नौ मार्च को कट्टे में 24 खुर मिले और 10 मार्च को गोवंश का सिर, करीब सात खाल मिली। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच करते हुए दिल्ली वासी नदीम को गिरफ्तार किया। जिससे सारे खेल का खुलासा हुआ। पुलिस ने नदीम के बताने के बाद दो और इरफान और मोहसिन को गिरफ्तार किया। पुलिस के सामने कुछ लोगों के नाम भी आए है जिनकी तलाश में पुलिस लगी है।
ये है आरोपियों की आपस में रिश्तेदारी : प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी मोहसिन का भाई बिलाल इनमें मुख्य है। उसी ने इस कार्य के लिए दो लग्जरी गाड़ियां खरीदी। मोहसिन का रिश्तेदार इरफान है और इरफान का रिश्तेदार नदीम।
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पहले संबल से चलता था यह खेल : पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मोहसिन, उसका भाई बिलाल उत्तर प्रदेश के संबल के रहने वाले है और पहले वहीं से ये गोवंश के मांस की सप्लाई कर रहे थे। वहीं पर इनके संपर्क में भिवानी की डाबर कॉलोनी वासी एक व्यक्ति आया। वहां के बाद सभी दिल्ली आ गए। अब दो माह से भिवानी से गोवंश का मांस दिल्ली सप्लाई किया जा रहा था।
मामले में जांच की जा रही है और प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अब तक पकड़े गए लोग और संबल के जो और नाम सामने आए है, वे सभी आपस में एक ही परिवार व रिश्तेदारी में है। सभी लंबे समय से यह कार्य कर रहे है और पिछले दो माह से भिवानी से मांस लेकर जाते थे। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे है। -इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव, इंचार्ज सीआईए द्वितीय।
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