भिवानी। खेल नर्सरी के नाम पर चल रहे खेल को जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) के औचक निरीक्षण ने बेनकाब कर दिया। जिलेभर में करीब 40 प्राइवेट खेल नर्सरी चल रही हैं, मगर जिला खेल अधिकारी के औचक निरीक्षण में जिले की 12 खेल नर्सरियों में खेल प्रशिक्षक मिले न खिलाड़ी। वहीं इन खेल नर्सरियों में कई खेलों के तो मैदान भी नहीं है। इसके बाद खेल विभाग ने इन नर्सरियों को बंद कराने का आदेश जारी कर दिया।
हर माह खेल प्रशिक्षक और खिलाड़ी के नाम पर मोटा बजट डकारा जा रहा था। जिसे जिला खेल अधिकारी ने औचक निरीक्षण के बाद बंद करा दिया। खेल विभाग की तरफ से प्राइवेट खेल नर्सरियों में खिलाड़ी और खेल प्रशिक्षक को हर माह बजट दिया जा रहा है। खेल विभाग प्राइवेट खेल नर्सरियों में खेल अभ्यास करने वाले आठ से 14 आयु वर्ग के खिलाड़ी के लिए हर माह 1500 रुपये और 15 से 19 आयु वर्ग के खिलाड़ी के लिए हर माह दो हजार रुपये का बजट मुहैया करा रहा है।
इसी तरह एनआईएस कोच के लिए 25 हजार, डीपीईडी और एमएड कोच को हर माह 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। खेल विभाग की ओर से जिस भी जगह पर खेल की ढांचागत सुविधाएं और पर्याप्त खिलाड़ी है, वहीं पर खेल नर्सरी संचालन की अनुमति नियम पूरे करने पर दी जा रही है। ये खेल नर्सरियां पहले से चल रही थीं। नए जिला खेल अधिकारी धुरेंद्र सिंह ने इनका औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचीं तो वह भी हैरान रह गए। कई जगह तो जिस खेल की नर्सरी चल रही थी, वहां उस खेल का मैदान ही नहीं मिला और खेल प्रशिक्षक व खिलाड़ी भी नहीं थे। इसी तरह जिले भर में 12 खेल नर्सरियों को चिह्नित किया गया, जिनमें व्यापाक स्तर पर अनियमितताएं पाई गई।
इसके बाद इन खेल नर्सरियों को हर माह मिलने वाला खेल विभाग से बजट भी बंद करा दिया है। अब इन खेल नर्सरियों के खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को विभाग से फूटी कौड़ी नहीं मिल रही है। नियम के अनुसार खेल नर्सरियों में व्यवस्थाएं जांचने के लिए अधिकारियों का निरीक्षण भी समय-समय पर अनिवार्य हैं, मगर लंबे अर्से से इनकी किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली थी, यही वह सही कि खेल नर्सरी के नाम पर लंबे अर्से से खेल चलता रहा।
इन खेल नर्सरियों का खेल विभाग ने बंद किया बजट
1. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भैंणी कुंगड़ भिवानी
2. राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भिवानी
3. केसर जी-9 स्पोर्ट अकादमी, बहल
4. राजकीय उच्च विद्यालय, छपार रांगडान
5. श्रीराम इंटरनेशनल स्कूल, बहल
6. एसएम कबड्डी स्पोर्ट्स अकादमी, बापोड़ा
7. ज्योतिबा फूले भिवानी
8. भविष्या पब्लिक स्कूल, बवानीखेड़ा
9. ज्ञान कुंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लोहारू
10. रामगोपाल विद्या दर्पण सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भिवानी
11. एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ईशरवाल
12. विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लोहारू
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खेल विभाग की तरफ से प्राइवेट खेल नर्सरियों को हर माह बजट दिया जा रहा है। जिलेभर में करीब 40 प्राइवेट खेल नर्सरियां हैं, जहां खिलाड़ी व खेल प्रशिक्षकों के लिए हर माह बजट दिया जा रहा है। मैंने कुछ अर्से पहले खेल नर्सरियों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जिले की 12 खेल नर्सरियों में काफी अनियमितताएं पाई गईं। कई जगह तो जिस खेल के लिए खेल नर्सरी दी गई है, वहां उसका मैदान ही नहीं मिला। वहीं खेल प्रशिक्षक व खिलाड़ी भी खेल नर्सरियों में नहीं पाए गए। इनका बजट बंद कर दिया गया है। भविष्य में भी खेल नर्सरियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांची जाएंगी, अगर कहीं कोई अनियमितता पाई जाती है तो उसे तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाएगा।
-धुरेंद्र सिंह, जिला खेल अधिकारी, भिवानी।