दिवाली पर आतिशबाजी के खुमार में अलग-अलग जगहों पर 17 लोग झुलस गए। वहीं छह जगहों पर लगी आग ने भी दमकल की गाड़ियों को खूब दौड़ाया। जिला पुलिस प्रशासन ने भी अवैध शराब बिक्री पर शिकंजा कसा। शहर के भगत सिंह और कस्बा सिवानी में दो जगहों पर गाड़ियों में आग लगने की सूचना मिली। वहीं एक रिहायशी इलाके में चल रही रोलिंग फैक्टरी में भी आग लगी। इसी तरह कूड़े और ईंधन में आग की सूचनाओं ने भी रात भर दमकल कर्मचारियों के पसीने छुड़ाए रखे।
दिवाली पर जिला दमकल विभाग के समक्ष छह सूचनाएं मिलीं। सिवानी मंडी में एक आग लगने की सूचना मिली। जिस पर सिवानी में तैनात दमकल गाड़ी लेकर कर्मचारी मौके पर पहुंचे। गाड़ी में आग शॉर्ट सर्किट से लगी बताई गई। वहीं भिवानी के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय में एक कमरे के अंदर रखे इन्वर्टर के अंदर आग लगने की सूचना दमकल को मिली। कार्यालय में रात्रि चौकीदार ने कमरे के अंदर से धुआं निकलता देखा तो इसकी सूचना दमकल को दी। टीम ने मौके पर पहुंचकर इन्वर्टर की आग पर काबू पाया।
रात्रि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने दमकल कर्मियों को बताया कि आग अचानक बैटरी के अंदर शॉर्ट सर्किट से लगी। हालांकि इस आग से कार्यालय में रखे रिकाॅर्ड को कोई नुकसान नहीं पहुंचा न ही आग कार्यालय के अन्य हिस्सों में पहुंच पाई। वहीं जाट धर्मशाला के समीप पटाखें जलाने की वजह से वहां पड़े कूड़े के ढेर में आग लग गई। जिसे दमकल कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर काबू किया। इसी तरह गांव निनान में एक प्लाॅट में रखे पशु ईंधन में भी पटाखों की चिंगारी से आग लग गई।
ग्रामीणों ने बताया कि उसके प्लाॅट में बनछटी रखी थी, जिसमें आग लग गई। दमकल कर्मचारी पहुंचे तब तक अधिकांश ईंधन जल चुका था। वहीं शहर के भगत सिंह चौक के समीप एक गाड़ी टकराने के बाद अचानक उसमें आग लग गई। हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, मगर गाड़ी का अधिकांश हिस्सा जल गया। दमकल कर्मचारियों ने आग पर काबू पाया। हनुमान ढाणी स्थित एक रोलिंग फैक्टरी में भी आग लगी। आग इतनी भड़क गई कि आसपास के मकानों को भी खतरा बना। मगर दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्टरी संचालक ने दमकल कर्मचारियों को बताया कि उसे करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं आग लगने के कारणों का पता नहीं चला।
मजदूर के दोनों पैर और हाथ झुलसे
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में दिवाली की रात को पटाखों व आग से झुलसे लोग भी पहुंचे। रात भर करीब 17 मामले आए। इनमें अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करना पड़ा। आपातकालीन विभाग में दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी वहीं एक व्यक्ति छोटा सिलिंडर फटने से गंभीर रूप से झुलसा हुआ भी पहुंचा। छोटू नामक प्रवासी मजदूर के दोनों पैर और हाथ झुलस गए थे, जबकि उसका चेहरा भी झुलसा हुआ था। उसे एक व्यक्ति ने अस्पताल पहुंचाया। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया।
पेपर कप डिस्पोजल फैक्टरी में लगी आग
औद्योगिक नगर स्थित एक पेपर कप डिस्पोजल की फैक्ट्री में शॉट सर्किट के कारण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि दमकल की आठ गाड़ियों ने करीब पांच घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने के कारण फैक्टरी में कच्चा और तैयार माल जलकर नष्ट हो गया। इस बारे में जानकारी देते हुए फैक्टरी मालिक हितेश ने बताया कि औद्योगिक नगर में उनकी पेपर कप डिस्पोजल की फैक्टरी है। वे रविवार रात को करीब साढ़े 8 बजे घर के लिए फैक्टरी से निकले थे। रात करीब अढ़ाई बजे उनके पास सामने वाली फैक्टरी के चौकीदार ने आग लगने की सूचना दी। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे और तुरंत दमकल को बुलाया। पुलिस व दमकल कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आगामी कार्रवाई की गई। आग उन्हें करीबन 65 लाख का नुकसान हुआ है।
दिवाली पर दमकल बेड़े को अलर्ट पर रखा गया था। जहां से भी डायल 112 पर सूचना मिली, तुरंत दमकल कर्मचारियों को भेजा गया। करीब छह कॉल आई थी, इन सभी पर दमकल कर्मचारियों ने समय पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।
-रिंकू चौहान, लीडिंग फायरमैन, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विभाग।