जूई नहर में दो युवकों के डूबने की सूचना ग्रामीणों को मिली थी। जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण नहर के पास पहुंचे और ग्रामीणों और गोताखोरों ने पानी में डूबे युवकों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद 25 वर्षीय यशवंत के शव को पानी से बाहर निकाला गया।
भिवानी के गांव बड़ेसरा के समीप जूई नहर में डूबे 38 वर्षीय सुंदर का 21 घंटे बाद भी कोई पता नहीं लगा है। हालांकि ग्रामीणों और गोताखोरों ने करीब पांच किमी दायरे में नहर को खंगाल डाला। मगर सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों व पुलिस ने एनडीआरएफ से भी मदद मांगी है। वहीं बुधवार देर शाम को नहर में डूबे 24 वर्षीय यशवंत के शव का वीरवार सुबह नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में इत्तेफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
ये था पूरा मामला
गांव बड़ेसरा के समीप बुधवार शाम करीब पांच बजे जूई नहर में दो युवकों के डूबने की सूचना ग्रामीणों को मिली थी। जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण नहर के पास पहुंचे और ग्रामीणों और गोताखोरों ने पानी में डूबे युवकों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद 25 वर्षीय यशवंत के शव को पानी से बाहर निकाला गया। लेकिन सुंदर की पानी में तलाश जारी रही। वीरवार शाम ढाई बजे तक भी सुंदर का कुछ पता नहीं लगा तो पुलिस ने एनडीआरएफ से मदद मांगी। एनडीआरएफ की एक टीम भी मौके पर पहुंची और पानी में युवक की तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया।
जांच अधिकारी के अनुसार
बवानीखेड़ा पुलिस थाना एसएचओ श्रीभगवान यादव ने बताया कि यशवंत के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। इस संबंध में परिजनों के बयान पर इत्तेफाकिया मौत मामले की कार्रवाई की है वहीं सुंदर की तलाश अभी जारी है। दरअसल यशवंत राजमिस्त्री का काम करता था और अविवाहित था। वहीं सुंदर यशवंत का दोस्त था। मेहनत मजदूरी कर अपना गुजर बसर करता था और उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है और घर पर अकेला ही रहता था।