कैरू। गांव खारियाबास में एक वर्ष से अधिक समय से ग्रामीण पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। इससे लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि गांव की पेयजल समस्या को लेकर विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी के चलते गांव के वार्ड नंबर चार व सात में नलों में एक बूंद भी पानी नहीं आता है। वार्ड वासी रघुवीर, बंसी, राजपाल, सुनील, भरपाई, शीलवंती, गुड्डी, रविंद्र ने बताया कि गांव में पेयजल का अन्य कोई स्रोत नहीं है। एक वर्ष पहले जलघर की लाइन से पानी आता था लेकिन अब वो भी बंद हो गया है। ग्रामीण पानी के टैंकर खरीदने को मजबूर है।
उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद भी उदासीन रवैया बनाए हुए हैं। विभाग की ओर से वार्ड सात में 4 इंची पानी की लाइन डाली जा रही है जबकि उसमें भी टी-प्वाइंट बनेंगे, पानी का प्रेशर कम होगा और घरों में पानी नहीं पहुंच सकेगा। वार्ड वासियों का कहना कि 4 इंची लाइन के बजाय 6 इंची लाइन दबाई जाए ताकि पानी का प्रेशर ठीक आ सके। इसी मुद्दे पर विभाग व वार्डवासी अड़े हुए है। गांव के जलघर में एक टैंक पहले से बना है उससे पूर्ति नहीं हो पाती है। इसलिए एक टैंक ओर बनवाया जाए ताकि गांव की पूर्ति हो सके।
पेयजल किल्लत के कारण ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए भी दूर दराज जाना पड़ता है। ग्रामीणों को अधिकारियों की उदासीनता के कारण टैंकर का पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है। अभी से ये हाल है तो गर्मियों में क्या होगा यह सोचकर ही सहमे हैं।
-जयप्रकाश, सरपंच खारियाबास।
पानी टैंकर का टैंकर खरीदने के कारण उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा इसी में चला जाता है। कुछ हिस्से को तो पानी मिल रहा है जबकि गांव के पीछे की आबादी को बड़ी समस्या हो रही है। एक-एक बूंद पानी के लिए दिक्कत झेल रहे हैं।
-संतोष, महिला वार्ड नंबर चार।