भिवानी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद, कमजोर और वंचित वर्ग तक निशुल्क, सुलभ एवं प्रभावी कानूनी सहायता पहुंचाना है। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने एडीआर सेंटर के सभागार में आयोजित मासिक बैठक एवं विधिक जागरूकता कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कही।
कार्यशाला का आयोजन डीएलएसए के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें पैनल अधिवक्ताओं, मध्यस्थ अधिवक्ताओं और अधिकार मित्र (पीएलवी) ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि पैनल अधिवक्ता, मध्यस्थ अधिवक्ता और पीएलवी न्यायपालिका तथा आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। वे लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाते हैं।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक लोगों को विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करें और पात्र व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। कार्यशाला में कानूनी और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रथम सत्र में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बबली ने नालसा (मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं) योजना-2024 तथा नालसा (बच्चों के लिए बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं) योजना-2024 के प्रमुख प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन विशेष योजनाओं का उद्देश्य मानसिक बीमारी, बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों और बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों को त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है।