भिवानी। जिला सामान्य अस्पताल के आपात विभाग में उपचार के लिए लाए गए एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप था कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की लापरवाही व समय पर उपचार न मिलने से मौत हुई है। वहीं हंगामे की सूचना पर बुधवार देर रात 12 बजे ही आपात विभाग में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के परिजनों को शांत किया। मृतक के परिजनों ने शव लेने से भी इनकार कर दिया था। वहीं उनके साथ आए एक निजी चिकित्सक के साथ भी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक की कहासुनी हो गई और फोन पर मामले की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को भी दी गई।
जिला सामान्य अस्पताल के आपात विभाग में बुधवार देर रात करीब सवा 12 बजे विजय नगर निवासी एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला सामान्य अस्पताल के आपात विभाग में पहुंचे थे। उनके साथ एक निजी अस्पताल का चिकित्सक भी था जो उन्हीं का नजदीकी बताया जा रहा है। उसमें कोरोना के प्रारंभिक लक्षण दिखाई दे रहे थे। मरीज के साथ आए निजी चिकित्सक ने आपात विभाग में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से उसे दाखिल कर उपचार देने का अनुरोध किया, लेकिन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसे दाखिल करने से इनकार कर दिया। मरीज के परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने उसे धमकी दी कि कहीं भी चले जाओ दाखिल नहीं करूंगा जो हो सकता है मेरा करवा दो। इसी दौरान मरीज ने भी आपात विभाग में ही दम तोड़ दिया। जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने हंगामा कर दिया और बाद में मामला अस्पताल की पुलिस चौकी तक जा पहुंचा।
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मरीज व उसके साथ आए निजी चिकित्सक की बात तक नहीं सुनी। रात को ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से भी फोन पर बात की गई। आपात विभाग में हंगामे की जानकारी मिलने के बाद सिटी पुलिस थाना एसएचओ गौरव कुमार मौके पर पहुुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजन चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और शव लेने से भी इनकार कर दिया। रात को मामला पुलिस ने जैसे-तैसे शांत कराया और स्वास्थ्य अधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेने की बात कही। इसी के बाद परिजन शांत हुए और वीरवार को शव का अंतिम संस्कार हुआ।
वर्जन-
बुधवार रात को जिला सामान्य अस्पताल के आपात विभाग में हंगामे की सूचना मिली थी। जिसके बाद उनकी टीम मौके पर पहुंची थी। वहां उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो गई थी। इसी से परिजन आक्रोशित हो गए थे। परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया गया है। पुलिस को इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
- गौरव कुमार, एसएचओ सिटी पुलिस थाना भिवानी।