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जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक : 17 परिवादों में से 10 परिवादों के शिकायतकर्ता ही नहीं पहुंचे, अधिकारी बोले किया समाधान

Thu, 06 Feb 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा को
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भिवानी। पंचायत भवन में बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक प्रदेश में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने परिवादों की सुनवाई की। इस दौरान रखे गए 17 परिवादों में 10 परिवादों के शिकायतकर्ता ही नहीं पहुंचे।
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उनकी गैर मौजूदगी में अधिकारियों की अनुशंसा पर ही मंत्री ने इन शिकायतों का निपटान तो कर दिया, लेकिन जिला कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों की ड्यूटी भी लगाई कि वे इन लोगों की समस्या के समाधान की मौके पर जाकर जांच कर अगली बैठक में इसकी रिपोर्ट भी देंगे।
इतना ही नहीं बैठक में अनुपस्थित रहने पर गांव कितलाना की चकबंदी के एसीओ वीरभान को भी निलंबित करने के निर्देश दिए। मंच पर मंत्री के बगल में बैठी जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक ने भी अधिकारियों के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई तो मंत्री ने कहा कि इस मसले पर बाद में बात करेंगे।
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अधिकारियों की अनुशंसा पर मंत्री ने किया 12 परिवादों का निपटान, पांच मामले अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पिछली बैठक के दो लंबित और 15 नए परिवाद रखा गया। मामला डाक विभाग से जुड़ा था। जिस पर पिछले सात माह से ये मामला तीसरी बार परिवाद के तौर पर बैठक में रखा गया।
इसका शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा था, जबकि अधिकारियों से जवाब मांगा तो जांच अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी और डाक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। पांच अन्य लोगों की हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत हो चुकी है, जबकि इस प्रकरण से जुड़े चार कर्मचारी दूसरे राज्यों में बदली हो चुकी हैं, जिन्हें नोटिस दिया है। ये मामला अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।



दिल्ली में वोट डालने गई थी शिकायतकर्ता, अधिकारी बोले - करा दिया समाधान
विद्यानगर निवासी अनिता देशवाल की जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से जुड़ी शिकायत थी। अधिकारी बोले अनिता दिल्ली में वोट डालने गई है, उसकी समस्या का समाधान करा दिया है। इस पर मंत्री बोले कि गली के अंदर गंदा पानी आने की छोटी शिकायतें भी कष्ट निवारण समिति की बैठक तक पहुंच गई। इस पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया और कहा कि भविष्य में इस तरह की शिकायतें अधिकारी अपने स्तर पर ही निपटाएं अगर ऐसा मामला आगे आया तो बख्शूंगा नहीं। अधिकारियों ने बताया कि महिला ने लिखित में संतुष्टि जता दी है।

इंस्टीट्यूट ने शिकायत के बाद लौटाई बच्चे की फीस, अधिकारी के रवैये से नाराज शिकायतकर्ता
गांव सरल निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उसके बच्चे का एक इंस्टीट्यूट से दाखिला कराया था। 15,000 रुपये पंजीकरण फीस ली थी और फिर 25,152 रुपया जमा कराया था। लेकिन बच्चा वहां पढ़ना नहीं चाहता था तो गुरुग्राम में दाखिला करा दिया। इस पर फीस वापस मांगी तो संस्थान ने इन्कार कर दिया। इसके बाद मामले की जांच डीसी ने एसडीएम को सौंपी थी। शिकायत के बाद पंजीकरण फीस छोड़कर बाकी पैसा तो मिल गया, लेकिन शिकायतकर्ता जांच अधिकारी के रवैये से नाराज था। इस पर मंत्री ने भविष्य में अधिकारी को शालीनता से बात करने की हिदायत दी।

महाकुंभ में स्नान के लिए गई शिकायतकर्ता महिला, अधिकारी बोले - हो गया समाधान
नया बाजार लंबी गली निवासी मोनिका की ईएसआई अस्पताल से जुड़ी शिकायत थी। लेकिन बैठक में नहीं पहुंची। अधिकारी बोले महिला महाकुंभ स्नान के लिए गई है, समस्या का समाधान करा दिया। इसी तरह गांव हालुवास माजरा में बिजली लाइन संबंधी शिकायत पर भी ग्राम पंचायत नहीं आई। वहीं अधिकारियों ने बताया कि समाधान हो चुका है।

बहल के राजकीय महिला कॉलेज में अधिकारी लगवाए दस एचपी की मोटर
बहल के राजकीय महिला महाविद्यालय में पीने के पानी की समस्या रखी गई। यहां पेयजल कनेक्शन भी नहीं है। मंत्री ने कहा कि 300 फीट नीचे से पानी खिंचने के लिए अधिकारी दस एचपी की मोटर लगवाएं और नियमित कनेक्शन दिलाएं। अधिकारी बोले कि महाग्राम में काम होने पर ही पानी का कनेक्शन मिल पाएगा। फिलहाल मोटर बदलवा देंगे।

सिरसा गई महिला, मंत्री बोले - दो सदस्य मौके पर जाकर करेंगे जांच
विजय नगर निवासी महिला की गंदे पानी की समस्या पर अधिकारी बोले कि महिला सिरसा गई है और समस्या का समाधान हो चुका है। इस पर मंत्री ने कहा कि कष्ट निवारण समिति के दो सदस्य मौके पर जाकर समस्या का समाधान की जांच करेंगे और महिला बाहर गई थी, इसकी भी पुष्टि करेंगे।

ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी की निकासी की नहीं व्यवस्था, 45 एकड़ फसल खराब
गांव तिगड़ाना के ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष बताया कि सेक्टर 13 और 23 के गंदे पानी की निकासी के लिए एचएसवीपी का ट्रीटमेंट प्लांट बना है। इसके गंदे पानी की पिछले तीन साल से निकासी नहीं है। इस वजह से फिलहाल 45 एकड़ फसल खराब हो गई है। बारिश में तो 200 एकड़ में गंदा पानी की वजह से किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। इस मामले की जांच के लिए भी कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों की ड्यूटी लगाई और समाधान सुझाने के लिए अगली बैठक में ये मामला रखने के निर्देश दिए।

बेटे ने सुसाइड नोट लिखकर की थी हत्या, ढाई माह से कोई कार्रवाई नहीं
सेक्टर 23 निवासी सुभाष ने बताया कि उसके बेटे ने कुछ लोगों के दबाव में आकर आत्महत्या की थी। मामले का जांच अधिकारी उसी पर दबाव बनाता रहा। ढाई माह से पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। मंत्री के पूछने पर सिटी थाना एसएचओ ने बताया कि सुसाइड नोट जांच के लिए मधुबन भेजा है, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी। इस पर डीओ लेटर लिखकर जल्द रिपोर्ट मंगवाने के निर्देश दिए।
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