नोटिस दिखाते भिवानी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मबीर सिंह नेहरा।
भिवानी। राजस्व विभाग में फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी बीच अब शहर के औद्योगिक सेक्टर-21 में एक भूखंड की रजिस्ट्री कराने में कम स्टांप शुल्क देने के आरोप में एक प्लाॅट स्वामी को 49,82,207 रुपये जमा कराने का नोटिस थमाया गया है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और राज्य चौकसी ब्यूरो के डीजीपी सहित अन्य को दी गई है। वहीं, जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि औद्योगिक सेक्टरों में आवासीय भूखंड काटे ही नहीं गए। इसलिए ऑडिट टीम ने कम स्टांप शुल्क लगाने पर बकाया राशि का नोटिस दिया है।
भिवानी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मबीर सिंह नेहरा ने बताया कि औद्योगिक सेक्टर-21 में दो साल पहले उनकी पुत्रवधू निवेदिता के नाम से प्लाॅट नंबर 137 खरीदा गया है। इस भूखंड की रजिस्ट्री आठ सितंबर 2022 को कराई गई थी। इसके लिए नियमानुसार स्टांप शुल्क चुकाया गया था। हालांकि ऑडिट टीम का हवाला देकर जिला राजस्व अधिकारी ने रजिस्ट्री में कम स्टांप शुल्क लगाने के आधार पर 49,82,207 रुपये जमा कराने का नोटिस थमा दिया।
धर्मबीर ने बताया कि औद्योगिक सेक्टरों में पहले 8,000 रुपये प्रति वर्गगज कलेक्टर रेट तय थे। उस समय की दर 8,000 रुपये प्रति वर्गगज कलेक्टर रेट से कहीं अधिक राशि पर भूखंड खरीदा गया था। इसका पूरा स्टांप शुल्क भी दिया गया है। हालांकि वर्ष 2024-25 में यहां के कलेक्टर रेट 25,000 रुपये प्रति वर्गगज तय कर दिए गए। इस भूखंड की रजिस्ट्री पर भी कम स्टांप शुल्क बताकर जो नोटिस जारी किया है, उसके हिसाब से कलेक्टर रेट वर्तमान दर से भी अधिक लग रहा है। धर्मबीर ने जिला राजस्व अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप की जांच विजिलेंस से भी कराने की मांग की है।
औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में सभी भूखंड व्यावसायिक श्रेणी में आते हैं। एचएसवीपी की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों सेक्टरों के अंदर कोई भी आवासीय भूखंड नहीं है। ऑडिट की टीम ने कम स्टांप ड्यूटी बताई थी, जिसका नोटिस नियमानुसार दिया गया है। इस मामले में प्लाॅट मालिक ने आयुक्त के पास अपील की है, जो उनका अधिकार है। -सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, भिवानी।