भिवानी। दिनोद रोड रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण में अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने मुख्यालय में सीवर लाइन शिफ्टिंग का मसौदा भेजा है। चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) की वजह से इस मामले में मुख्यालय के अधिकारियों को चुनाव आयोग से भी विशेष अनुमति लेनी होगी। जीतु वाला लाइनपार छोर पर पिछले छह माह से लाइन शिफ्ट न होने से आरओबी निर्माण का काम बंद है जबकि कृष्णा कॉलोनी छोर पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। जीतुवाला रेल अंडरपास महापंचायत काम की गति बढ़ाने के लिए लगातार 29 दिनों से धरना दे रही है।
शहर में दिनोद रोड जीतुवाला फाटक सी-52 पर शहर का सबसे छोटा 600 मीटर आरओबी बनाया जा रहा है। करीब ढाई साल से आरओबी का काम रुक-रुक कर चल रहा है। इसकी वजह सीवर और पानी की लाइनों के शिफ्ट न होना माना जा रहा है। हालांकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पहले भी सीवर और पानी की लाइनों को शिफ्ट कर दिया था, लेकिन जीतुवाला फाटक लाइनपार क्षेत्र में कुछ अवैध कब्जों को बाद में हटवाया गया।
इसकी वजह से पुल निर्माण के कुछ हिस्से में सीवर लाइन को शिफ्ट नहीं किया जा सका। रेल अंडरपास महापंचायत 29 दिनों से पुल निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना कर रही है। इस मसले पर उपायुक्त भी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक करा चुके हैं। इसके बाद लाइन शिफ्टिंग की निविदा कराई जानी थी, लेकिन अब विधानसभा चुनाव की घोषणा से ये मामला फिर अटक गया है। ऐसे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने मुख्यालय को पत्र भेजकर सीवर लाइन शिफ्टिंग की निविदा कराने के लिए विशेष अनुमति मांगी है।
उधर काम ठप होने से विरोध बढ़ा
आचार संहिता के बहाने अधिकारी जनता को कर रहे गुमराह : संदीप यादव
जीतुवाला रेल अंडरपास महापंचायत का धरना रविवार को 29वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता संदीप यादव युवा प्रधान ने की। धरना संचालन समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त एसडीओ ने बलजीत सिंह गिल ने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग शुरू से ही आरओबी निर्माण कार्य में रुकावट डाल रहा है। पांच अगस्त को सीवरेज लाइन शिफ्टिंग कार्य के टेंडर खुल गए थे, 16 अगस्त को एमसीसी लागू होने से पहले कार्यादेश होने चाहिए थे, मगर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने जानबूझकर कर कागजी कागजी कार्यवाही पूरा नहीं की। अब नया बहाना बनाया गया कि एमसीसी लागू होने से कार्यादेश स्वीकृति के लिए उपायुक्त भिवानी ने मुख्य अभियंता कार्यालय चंडीगढ़ से अनुरोध किया है, जबकि आरओबी निर्माण का नक्शा जनस्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया गया और पीडब्लूडी से अनुमानित लागत जमा करवाने के बावजूद तीन साल में कार्य शुरू न होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जीतूवाला ओवरब्रिज निर्माण कार्य में देरी के लिए जन स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है। चार साल से निर्माण कार्य के चलते काली माई मंदिर, जीतूवाला काॅलोनी, काठमंडी काॅलोनी की पीने के पानी कि पाइप लाइन हटा देने से लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। महापंचायत के संरक्षक रोहतास वर्मा ने कहा कि महापंचायत उपायुक्त से पुल निर्माण में देरी एवं भ्रष्टाचार की जांच करवाने की मांग की है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने वृत्तस्तर पर निविदा की प्रक्रिया से संबंधित सभी औपचारिकता पूरी कर मसौदे को मुख्यालय भेजा था लेकिन एमसीसी की वजह से अब ये मामला विशेष अनुमति लेने के बाद ही पूरा हो पाएगा। इसके लिए मुख्यालय को पत्र भेजकर विशेष अनुमति से निविदा कराने का अनुरोध किया है। -सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।