श्रीश्री 1008 परमहंस बाबा जहरगिरि महाराज की समाधि का 251 किलोग्राम चांदी से श्रृंगार दिखाते महंत डॉ.
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भिवानी। हालुवास गेट स्थित सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम नागरिकों के लिए आस्था का केंद्र है। श्रद्धालुओं की यहां मांगी गईं मन्नतें पूरी होती है। जहरगिरी आश्रम के एक भक्त ने अपनी मन्नत पूरी होने पर परमहंस बाबा जहरगिरी महाराज की समाधि का 251 किलोग्राम चांदी से शृंगार किया है, जिससे श्रद्धालु चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन खास बात यह है कि उक्त श्रद्धालु का नाम उजागर नहीं हुआ है।
हर वर्ष पौष मास शुक्ल पक्ष नवमी को बाबा जहरगिरी की स्मृति में वार्षिक भंडारे का आयोजन किया जाता है। पिछले वर्ष भी यह भंडारा आयोजित हुआ था, उस वक्त एक श्रद्धालु आश्रम परिसर में आया और बाबा जहरगिरी की प्रतिमा के समक्ष अरदास लगाई। उसने अपने जीवन की कठिनाईयां बताई और कहा कि उसकी व्यवसायिक परिस्थिति की खराब है व मानसिक परेशान है। यदि उसके जीवन की कठिनाइयां दूर होती है तो वह फूलों से सजने वाली बाबा जहरगिरी की समाधि को चांदी से सजाएगा। एक वर्ष पूर्ण होने से पहले ही उसकी आर्थिक व मानसिक सभी परेशानियां दूर हो गई। 31 दिसंबर का फिर से जहरगिरी आश्रम में वार्षिक भंडारे का आयोजन किया जाएगा और श्रद्धालु की आस्था का सम्मान करते हुए महंत अशोक गिरी महराज ने समाधि को चांदी से सजाने की अनुमति उसे दी है। समाधि को चांदी से सजाने का कार्य शुरू भी हो चुका है। आश्रम के पीठाधीश्वर महंत जूना अखाड़ा डा. अशोक गिरी महाराज ने श्रद्धालु की इच्छानुसार उसका नाम न बताते हुए कहा कि भारत देश आस्था का देश ह्रै। 251 किलोग्राम चांदी जयपुर से मंगवाई गई है और समाधि शृंगार का कार्य 12 मजदूरों द्वारा किया है और 60 दिन में कार्य पूरा किया है।