भिवानी। जिले में डेंगू मच्छर के डंक का कहर घातक स्थिति में पहुंच गया है। इसकी वजह से डेंगू के लगातार नए केस सामने आ रहे हैं। शुक्रवार देेर शाम डेंगू के तीन मरीज मिले और शनिवार को पांच नए मरीज मिले हैं। इसके बाद जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा 50 पहुंच गया है, जिनमें से 13 मरीज नागरिक अस्पताल में दाखिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की 141 टीम एंटी लारवा अभियान में जुटी हैं। स्वास्थ्यकर्मी लोगों को घर-घर जाकर डेंगू मच्छर से बचाव के बारे में सावधान कर रहे हैं। साथ ही बीमार के स्वास्थ्य की जांच भी कर रहे हैं। मौके पर ही मलेरिया की ब्लड स्लाइड और डेंगू के सैंपल ले रहे हैं, ताकि डेंगू व मलेरिया के पॉजिटिव मरीज सामने आ सके और उनका समय पर उपचार हो सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को शहरी क्षेत्र में 63 और ग्रामीण क्षेत्र में 300 लोगों की मलेरिया की जांच के लिए स्लाइड बनाई हैं। अब तक जिले में 7367 ब्लड स्लाइड बनाई हैं, गनीमत रही कि अब तक मलेरिया का कोई केस नहीं मिला। वहीं डेंगू की जांच के लिए शनिवार को 43 सैंपल लैब में भेजे हैं, जिनकी रिपोर्ट रविवार दोपहर तब आएगी। जिले में डेंगू की जांच के लिए अब तक 693 सैंपल लिए हैं।
मच्छर का लारवा मिलने पर 3011 को नोटिस जारी
एंटी लारवा अभियान के दौरान लगातार लोगों के घरों में डेंगू मच्छर का लारवा मिला रहा है। साथ ही अधिकतर घरों में सफाई, स्वच्छता की भी कमी पाई गई है। घरों के आसपास जमा गंदे पानी में डेंगू मच्छर पनप रहे हैं, जोकि स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकते हैं। डेंगू मच्छर का लारवा मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 3011 घरों में नोटिस जारी किया है। जिन्हें सफाई के साथ ही सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने का आह्वान भी किया है।
ओपीडी में आ रहे डेंगू आशंकित मरीज
लगातार बढ़ रहे डेंगू के खतरे के साथ ही ओपीडी में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ओपीडी में अधिकतर मरीज बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रस्त हैं। इस बीमारियों से संबंधित ओपीडी में शुक्रवार को 80 मरीज पहुंचे। इसके अलावा ओपीडी में रोजाना पांच से सात डेंगू आशंकित मरीज भी सामने आ रहे है। चिकित्सक इन मरीजों को डेंगू की जांच करवाने का परामर्श दे रहे हैं।
अस्पतालों में की है व्यवस्था
जिले में डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए नागरिक अस्पताल और सभी सीएचसी में उचित चिकित्सा सुविधा और दाखिल करने के लिए बेड की व्यवस्था की गई है। एंटी लारवा अभियान में स्वास्थ्य विभाग की 141 टीम जुटी हैं, जो नागरिकों को जागरूक कर रही हैं। ये टीमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच भी कर रही हैं।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।