तोशाम। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने बुधवार को बाजरा, धान सहित सभी फसलों की एमएसपी पर सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग को लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय का दो घंटे घेराव किया। सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक चले धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के उपप्रधान इंद्र सिंह लांबा ने की।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव मास्टर जगरोशन ने आरोप लगाया कि पोर्टल, बायोमेट्रिक और फसल सत्यापन की जटिलताओं से किसान परेशान हैं। तोशाम अनाज मंडी में बाजरा आए एक महीने से अधिक समय हो गया है लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल तक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान नेताओं ने धान की खरीद में आनाकानी, नमी के नाम पर अड़चन, मंडियों से फसलों का उठान नहीं होने और डीएपी खाद की किल्लत पर भी रोष जताया।
बारिश से मंडियों में रखी फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। धरने में रणधीर सांगवान, दयानंद फौजी, रोहतास सैनी, पुरुषोत्तम, बस्तीराम एडवोकेट, सुमेर सिंह पटौदी, जगबीर, रामवीर डाडम, महेंद्र सिंह, राजकुमार, जिले सिंह, जगदीश सहित अनेक किसान व मजदूर नेता मौजूद रहे।
किसानों ने उठाईं मुआवजे और खाद की उपलब्धता की मांगें
किसानों ने बाजरा, धान सहित सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद, वंचित किसानों की फसल का सत्यापन, भावांतर योजना का लाभ और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध करवाने, नहरों में सिंचाई व पेयजल के लिए पानी देने, सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और बिजली टावरों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्तूबर को भाजपा कार्यालयों के सामने सरकार के पुतले फूंके जाएंगे।