भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में 15 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी पुनर्मूल्यांकन फॉर्म भरने का अवसर देने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा।
परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नियम में आवश्यक बदलाव कर ऐसे सभी विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के पुनर्मूल्यांकन का समान अवसर देने और इस संबंध में जल्द कार्रवाई की मांग की। इकाई मंत्री सलोनी सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके किसी विषय में 15 प्रतिशत से कम अंक आए हैं। वर्तमान व्यवस्था के कारण उन्हें पुनर्मूल्यांकन फॉर्म भरने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
विद्यार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम के पुनर्मूल्यांकन का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से 15 प्रतिशत से कम अंक वाले विद्यार्थियों को भी पुनर्मूल्यांकन फॉर्म भरने की अनुमति देने की मांग की। नगर मंत्री रोबिन ने कहा कि परीक्षा परिणाम विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़े होते हैं। यदि किसी विद्यार्थी को प्राप्त अंकों पर आपत्ति है तो उसे पुनर्मूल्यांकन का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थी हित में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
इकाई उपाध्यक्ष रोहित वशिष्ठ ने कहा कि केवल 15 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण किसी विद्यार्थी को पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से बाहर रखना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी विद्यार्थियों को समान अवसर देते हुए जल्द से जल्द इस व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि 15 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को पुनर्मूल्यांकन फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए और इस संबंध में शीघ्र आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाए। इस दौरान नगर सह मंत्री अभिषेक, सीमा, शिव शंकर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।