अवैध कब्जों को हटवाने की मांग को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपने जाते विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि
भिवानी। लाइन पार क्षेत्र में रोहिंग्या, बांग्लादेशी, अफगानी और अन्य आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा अवैध कब्जे किए जाने को लेकर स्थानीय संगठनों में रोष व्याप्त है। शुक्रवार को आरडब्ल्यूए लाइन पार क्षेत्र, अंबेडकर सेना हरियाणा, महापंचायत, सुधार समिति, जोगी समाज, सैन समाज, डॉ. अंबेडकर शिक्षा सुधार समिति और डॉ. अंबेडकर युवा सुधार समिति सहित कई संगठनों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अवैध कब्जों को हटाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
संगठनों का आरोप है कि लाइन पार क्षेत्र में इन बाहरी लोगों ने छोटी-छोटी कोठरियां बनाकर डेरा डाल रखा है। इस क्षेत्र में करीब 60 हजार की आबादी निवास करती है और यह बीडीओ ऑफिस से उपभोक्ता कोर्ट तक जाने का एकमात्र मार्ग है। आरडब्ल्यूए लाइन पार क्षेत्र के संरक्षक दलबीर उमरा ने बताया कि इन अवैध निवासियों द्वारा कबाड़ी का काम, मुर्गे-बकरे काटने जैसे अनधिकृत व्यवसाय खुलेआम किए जा रहे हैं, जो स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
उन्होंने बताया कि रात के समय रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाले लोगों के साथ मारपीट और लूटपाट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी, देह व्यापार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के संचालन का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, कई अपराधी दूसरे शहरों और राज्यों में अपराध कर यहां शरण लिए हुए हैं, जिससे क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं।
दलबीर उमरा ने बताया कि अवैध कब्जाधारियों ने जंगली कुत्ते भी पाल रखे हैं, जिनसे लोगों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं, ये लोग छोटे बच्चों को रेहड़ियां देकर घरों की रैकी के लिए भेजते हैं ताकि रात के समय चोरी जैसी वारदातों को अंजाम दिया जा सके। संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब कार्रवाई कर इस क्षेत्र को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाए और क्षेत्रवासियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर डॉ. भूपेंद्र सिंह झींगा, सुरेंद्र सिंह राणा, बबीता यादव, राम सिंह वैद, रामोतार बौंदिया आदि मौजूद रहे।