भिवानी। नगर परिषद की नंदीशाला में 100 से अधिक गोवंश के खुर खराब होने से उनके पांव में गहरे जख्म बन गए हैं जिससे कई नंदियों का चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया है। वहीं कैंसर पीड़ित पांच नंदियों को उपचार के लिए झज्जर भेजा गया है। वहीं पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नंदीशाला में गोबर और पेशाब जमा रहता है जिससे पशुओं के खुर बार-बार खराब होते हैं।
नंदीशाला सेवा दल ने पशु चिकित्सकों पर समय पर उपचार नहीं देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को उपायुक्त को शिकायत सौंपने का निर्णय लिया है। नंदीशाला सेवा दल के सदस्य अमित बंसल ने बताया कि नगर परिषद की नंदीशाला का रखरखाव लंबे समय से समिति कर रही है। वर्तमान में यहां 960 गोवंश हैं जिनमें से 100 से अधिक के खुर खराब हो चुके हैं।
बंसल के अनुसार पशु चिकित्सकों की सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी लगाई गई है लेकिन बीमार और खुरों में जख्म वाले नंदियों को उचित उपचार नहीं मिल रहा। बड़ी संख्या में नंदियों के खुर खराब होने और पांव में गहरे जख्म बनने से उनकी पीड़ा बढ़ गई है। इस संबंध में मंगलवार को सेवा दल के पदाधिकारी उपायुक्त को शिकायत सौंपकर पशु चिकित्सकों की विशेष टीम गठित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
नंदीशाला में बने चार शेड, 17 कर्मचारी कर रहे काम
नगर परिषद की नंदीशाला में चार शेड हैं जिनमें से दो बड़े शेड का निर्माण हाल ही में नगर परिषद ने कराया है। अमित बंसल के अनुसार नंदीशाला में ढाई से तीन हजार नंदियों को रखने की व्यवस्था है जबकि वर्तमान में यहां 960 गोवंश हैं। बाड़ों की रोजाना सफाई के लिए सेवा दल की ओर से दो ट्रैक्टर गोबर उठाने के काम में लगाए गए हैं जबकि नगर परिषद की ओर से भी दो ट्रैक्टर मिले हैं।
नंदीशाला में कुल 17 कर्मचारियों का स्टाफ काम कर रहा है। इनमें से 10 कर्मचारी नंदीशाला सेवा दल ने लगाए हैं जबकि चार नगर परिषद के हैं। इसके अलावा एक सुपरवाइजर और चौकीदार भी तैनात हैं।
नंदीशाला सेवा दल की ओर से छह अक्तूबर को पशुपालन विभाग को पत्र लिखकर नंदियों के खुर खराब होने की समस्या से अवगत कराया गया था और उचित उपचार की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। वर्तमान में 100 से अधिक नंदियों के खुर खराब हैं। कैंसर पीड़ित पांच नंदियों को झज्जर भेजा गया है। -अमित बंसल, सदस्य, नंदीशाला सेवा दल, भिवानी
नंदीशाला में पशुपालन विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इसमें साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी गई है। नंदीशाला में गोबर और पेशाब जमा रहता है जिससे पशुओं के खुर बार-बार खराब होते हैं। घावों पर बंधी पट्टियां गीली होने से जख्म और बढ़ जाते हैं। टीम के निरीक्षण के दौरान नंदीशाला प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की कमी बताई जाती है जबकि बीमार नंदियों की देखभाल के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की जरूरत है। - डॉ. रवींद्र सहरावत, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, भिवानी