भिवानी। औद्योगिक सेक्टर रोडवेज वर्कशॉप के समीप बंदरों को रोटी डालने गए केबल ऑपरेटर पर लाखों रुपयों का गबन और धोखाधड़ी का लीगल नोटिस भिजवाने की रंजिश में जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया। वहीं औद्योगिक पुलिस थाना में केवल संचालक सहित अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
औद्योगिक पुलिस थाना में दी शिकायत में विकास नगर निवासी प्रदीप सिंह ने बताया कि शहर में करीब 2007 से देवसर चुंगी निवासी प्रदीप चौहान के साथ साझा में केबल का काम करता आ रहा है। प्रदीप सिंह ने आरोप लगाया कि नवंबर 2021 में उसे पता चला कि प्रदीप चौहान ने हिसाब किताब में लाखों रुपये की हेराफेरी कर रखी है। वह लगातार उससे हिसाब किताब करने का प्रयासरत रहा। लेकिन उसने धोखाधड़ी और हेराफेरी से लाखों रुपयों का गबन किया होने की वजह से हिसाब किताब नहीं किया।
इस वजह से उसने फास्टवे कंपनी व अन्य को भी लिखित में शिकायत दी थी और अपना व्यापार अलग करने के लिए 31 अगस्त 2024 को अर्जी दी थी। इसी के चलते 24 जनवरी को उसने वकील के माध्यम से धोखाधड़ी करके लाखों रुपये गबन करने व उसका हिसाब किताब करने बारे लीगल नोटिस प्रदीप चौहान को भिजवाया था। इससे पहले 28 अक्तूबर 2024 को वह और उसका बेटा बैठक में लुधियाना गए थे, वहां भी हिसाब किताब को लेकर बैठक में प्रदीप चौहान से गर्मागर्मी हुई थी।
इसी रंजिश के चलते सात फरवरी की शाम करीब साढ़े तीन बजे बंदरों को चने व रोटी डालने के लिए उसका बेटा और वह औद्योगिक सेक्टर एरिया की रोडवेज वर्कशॉप के समीप पहुंचे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। इससे वह गिर गया।
उसके बाद गाड़ी से नीचे उतरकर आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और फिर उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। उसे गंभीर चोटें आईं। उसने आरोप लगाया कि प्रदीप के साथ एमसी मोड निवासी युवराज व अन्य लड़के थे। इसके बाद वे वहां से भाग गए। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं इस संबंध में औद्योगिक पुलिस थाना में प्रदीप चौहान, युवराज सहित दो अन्य युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।