नागरिक अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
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भिवानी। सर्दी की शुरुआत के साथ ही बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ता जा रहा है। नागरिक अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में निमोनिया के 40 से अधिक मरीज ओपीडी में आ चुके हैं। जबकि 70 से 80 रोजाना ऐसे मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जिन्हें तेज बुखार, खांसी, जुकाम की दिक्कत है। वहीं नीकू वार्ड में 15 बच्चे दाखिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि निमोनिया से ग्रसित होने का खतरा पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा है।
निमोनिया से बच्चों के ग्रसित होने की संभावना सर्दियों के मौसम में अधिक होती है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में औसतन पांच से छह मरीज सामने आ रहे हैं। जबकि अस्पताल के नीकू वार्ड में निमोनिया ग्रस्त 15 बच्चे दाखिल है। निमोनिया की चपेट में बच्चे, युवा और बुजुर्ग यानी हर आयु वर्ग के लोग आ सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखना अति आवश्यक है। नागरिक अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में भी निमोनिया और खांसी-जुकाम से ग्रस्त बच्चे दाखिल है। इनमें अधिकतर की उम्र पांच साल से कम है। ऐसे में सर्दी की शुरुआत के साथ निमोनिया घातक होता जा रहा है।
निमोनिया के लक्षण
- छोटे बच्चों को बुखार के साथ पसीना व कंपकंपी होने लगती है।
- जब बच्चों को बहुत ज्यादा खांसी हो रही हो।
- वह अस्वस्थ दिख रहा हो।
- उसे भूख ना लग रही हो।
ठंडी चीजों से करें परहेज
निमोनिया किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन सर्दी के मौसम में इसकी आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। बच्चों को उतने ही कपड़े पहनाएं, जिससे उसका शरीर गर्म रहे। बच्चों को ठंड पानी में खेलने न दें और पीने में भी गर्म पानी दें। घर में फर्श पर न खेलने दें और खिलौनों को भी अच्छे से सेनिटाइज करें। अगर एंटी-बायोटिक दी जाती हैं तो पूरा कोर्स करें, नहीं तो बीमारी वापस आ सकती है। घर के अंदर या आसपास के प्रदूषण को कम करके और साफ-सफाई का पूरा खयाल रखें।
अस्पताल की ओपीडी में निमोनिया के रोजाना मरीज आ रहे हैं। सर्दी के मौसम में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में बच्चों को सर्दी से बचा कर रखें। उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं और सुबह-शाम घर से बाहर न निकलने दें। बच्चे को खांसी, जुकाम, बुखार होने पर नजदीकी चिकित्सक से जांच अवश्य करवाएं।
- डॉ. अमित गोयत, मेडिकल ऑफिसर, नागरिक अस्पताल।