बाल कल्याण समिति भिवानी। विज्ञप्ति
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भिवानी। स्कूल से घर लौटते समय बीच रास्ते में दसवीं और बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो सगी बहनों के अपहरण प्रयास मामले में शुक्रवार को बाल कल्याण समिति ने स्वास्थ्य विभाग की काउंसलर से पीड़ित छात्राओं की काउंसिलिंग कराई। काउंसिलिंग के दौरान दोनों छात्राओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बयान बदलकर उचित कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप लगाए। काउंसिलिंग के दौरान छात्राओं ने यह भी बताया कि पिछले ढाई माह से आरोपी युवक स्कूल से घर जाते समय उनका पीछा कर उन्हें परेशान कर रहे थे।
वहीं इस प्रकरण में शुक्रवार को पीड़ित छात्राओं के पक्ष में दो अन्य छात्राएं भी आगे आई हैं। वहीं गांव बामला के सरकारी स्कूल के प्राचार्य ने ही वारदात के दौरान फोन कर पुलिस बुलाई थी। इसके बाद प्राचार्य ने ही अपने फोन से आरोपी युवकों की गाड़ी और बाइक की वीडियो भी बनाई थी। वहीं बाल कल्याण समिति सदस्यों ने भी इस प्रकरण में स्पष्ट किया कि अगर पुलिस जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करती तो फिर उच्चाधिकारियों के सहयोग से जांच कमेटी बैठाई जाएगी। जो पुलिस से अलग इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।
गत दस जनवरी को गांव बामला के एक स्कूल से घर लौटते समय दसवीं और बारहवीं कक्षा की छात्रा का रास्ता रोककर उनके अपहरण की कोशिश की थी। छात्राओं के चिल्लाने के बाद आसपास के लोग व स्कूल का स्टाफ मौके पर पहुंचा। इसके बाद दो आरोपियों को मौके पर दबोचा और एक युवक भाग निकला था। इस संबंध में पीड़ित लड़कियों के पिता की शिकायत पर सदर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस प्रकरण में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए पीड़ित लड़कियां अपने परिजनों के साथ वीरवार को बाल कल्याण समिति कार्यालय में पहुंची थी। जहां उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस पर उनके बयान बदलकर उचित धाराओं के तहत आरोपियों पर कार्रवाई नहीं किए जाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने शुक्रवार को दोनों पीड़ित लड़कियों की स्वास्थ्य विभाग की महिला काउंसलर बबीता से काउंसिलिंग कराई। काउंसिलिंग के दौरान दोनों बहनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि पिछले ढाई माह से आरोपी युवक उनका पीछा कर परेशान करते थे। उन पर स्कूल से घर आते जाते रास्ते में फब्तियां कसने के साथ साथ जबरन फोन नंबर देने की कोशिश कर रहे थे। इसका विरोध किया तो आरोपी गाड़ी से उन्हें अगुवा करने की कोशिश भी करने लगे। उन्होंने ये बात अपने माता पिता और स्कूल प्राचार्य को बताई थी। जिसके बाद प्राचार्य ने ही फोन कर पुलिस बुलाई थी।
अगर पुलिस नहीं करती उचित कार्रवाई तो बैठाएंगे जांच कमेटी
बाल कल्याण समिति सदस्य रमेश कुमार और सतेंद्र तंवर ने बताया कि दोनों लड़कियों की काउंसिलिंग कराई गई है। इसमें दोनों छात्राओं ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए ढाई माह से युवकों द्वारा उनका पीछा कर उन्हें परेशान करने का खुलासा किया है। इस संबंध में अगर पुलिस उचित कार्रवाई नहीं करती है तो फिर उच्चाधिकारियों के सहयोग से इस प्रकरण की जिला बाल संरक्षण अधिकारी व सीडब्ल्यूसी की अलग से जांच कमेटी बनाई जाएगी। जो इस प्रकरण में आरोपियों पर उचित कानूनी कार्रवाई कराएगी।