भिवानी। तहसील कार्यालय में हुए भ्रष्टाचार मामले की जांच नगराधीश को सौंपे जाने की अनुशंसा एसडीएम ने भेजी है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए नए सिरे से कमेटी भी गठित की जाएगी। संवाद न्यूज एजेंसी के स्टिंग ऑपरेशन में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ था। सात मई को अमर उजाला में भिवानी तहसील कार्यालय में कुर्सी सरकारी... उस पर काबिज भ्रष्टाचारी शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित हुआ था। इसके बाद ही मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी थी।
जिसमें तीन अधिकारी भिवानी एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी और लोहारू तहसीलदार शामिल किए गए थे। लेकिन अब एसडीएम महेश कुमार ने इस मामले की जांच से अपने हाथ पीछे खिंच लिए हैं। जिसके बाद इस प्रकरण की जांच सीटीएम की अगुवाई में होगी और नए सिरे से अधिकारियों की कमेटी का भी गठन होगा। हालांकि ये जांच जिला प्रशासन अपने स्तर पर करा रहा है जबकि भिवानी तहसील कार्यालय में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद इसकी गूंज प्रदेश सरकार के कानों तक पहुंची थी। जिसके बाद इस पूरे प्रकरण की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंप दी गई है। अब एंटी करप्शन ब्यूरो भी भ्रष्टाचार के इस मामले में अपनी जांच में जुटा है।
भिवानी तहसील कार्यालय में लंबे अर्से से रजिस्ट्री के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठे जा रहे थे। सात मई को भिवानी तहसील कार्यालय में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए रजिस्ट्री क्लर्क के कक्ष में बैठकर बाहरी व्यक्ति विजय गुप्ता द्वारा रजिस्ट्री दस्तावेजों की तस्दीक कर उस पर सरकारी मोहर लगाई जा रही थी वहीं इस काम की एवज में लोगों से रुपये भी लिए जा रहे थे। ये करतूत वीडियो में कैद हुई तो तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। भ्रष्टाचार का ये मामला उजागर हुआ तो जांच की आंच उन अधिकारियों तक भी पहुंची जिनकी मिलीभगत से तहसील कार्यालय में लंबे अर्से से ये खेल बिना रोकटोक चल रहा था।
जांच कमेटी पर ही आ गई आंच तो बदल गए अधिकारी
भ्रष्टाचार मामले में उपायुक्त ने जांच भिवानी एसडीएम महेश कुमार की अगुवाई में सौंपी थी। इसके लिए तीन अधिकारियों की कमेटी का गठन भी किया था। जिसमें खुद एसडीएम के अलावा जिला राजस्व अधिकारी और लोहारू तहसीलदार शामिल थे। अब सवाल ये था कि जिला राजस्व अधिकारी और एसडीएम कार्यालय में भी भूमि की रजिस्ट्री हो रही हैं, जिनके रजिस्ट्री क्लर्कों पर भी गलत रजिस्ट्री के आरोप लगे हैं। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीएम ने इस मामले की फाइल वापस उपायुक्त को लौटाते हुए इसकी जांच सीटीएम से कराने की अनुशंसा कर डाली। वहीं अब इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी के अधिकारी भी बदले जाएंगे।
मैंने भिवानी तहसील कार्यालय में स्टिंग ऑपरेशन में उजागर हुए भ्रष्टाचार मामले की जांच की फाइल उपायुक्त कार्यालय में भेज दी है। इस मामले की जांच सीटीएम से कराए जाने की अनुशंसा की गई है। इस कमेटी में शामिल अधिकारी भी नए सिरे से नियुक्त किए जाएंगे।
-महेश कुमार, एसडीएम, भिवानी।