दो अक्तूबर को राजस्थान के जोधपुर जिले से लापता किशोरी की फोन लोकेशन भिवानी की चिरंजीव कॉलोनी आई। किशोरी ने अल सुबह फोन कर जबरन रखने की बात कही।
इसके बाद भिवानी और राजस्थान पुलिस ने घर-घर जाकर सर्च अभियान चलाया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं आया।
चिरंजीव कॉलोनी के बाद पुलिस ने शहर के समीवर्ती गांव नौरंगाबाद में लड़की की तलाश की, लेकिन समाचार भेजे जाने तक पुलिस सुराग नहीं लगा पाई। लड़की के परिजनों को जिस लड़के पर शक है, वह मूल रूप से नौरंगाबाद का रहने वाला है।
राजस्थान के जोधपुर जिले की तहसील भोपालगढ़ की 17 वर्षीया एक किशोरी दो अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों ने खोजबीन की तो फेसबुक से पता लगा कि किशोरी की दोस्ती भिवानी जिले के गांव नौरंगाबाद के एक युवक से थी। इसके बाद परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। रविवार अल सुबह करीब चार बजे किशोरी ने अपने घर फोन कर जबरन रखने की बात कही। किशोरी के चाचा ने बताया कि लड़की ने अपनी मम्मी के पास फोन कर बताया कि वह वापस आना चाहती है, उसे जबरदस्ती रखा जा रहा है।
उसके पास से ट्रेनों की भी आवाज आ रही थी। फोन लोकेशन के आधार पर रविवार सुबह राजस्थान पुलिस और परिजन भिवानी पहुंचे। यहां चिरंजीव कॉलोनी में लोकेशन के आधार पर सर्च अभियान चलाया। किशोरी का फोन स्विच ऑफ आने के कारण दोबारा फोन लोकेशन नहीं मिल पाई।
करीब तीन घंटे के सर्च अभियान के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा तो राजस्थान पुलिस और किशोरी के परिजन लड़के के गांव नौरंगाबाद पहुंचे और तलाश की। समाचार लिखे जाने तक दोनों का कोई सुराग नहीं लगा था। टीआईटी चौकी इंचार्ज बीर सिंह, हवलदार सतीश कुमार ने बताया कि राजस्थान के जोधपुर से लापता किशोरी को तलाशने के लिए राजस्थान पुलिस यहां आई थी। उनकी मदद के लिए चौकी पुलिस साथ गई।
फेसबुक से लगा युवक का सुराग
परिजनों को युवक की पहचान फेसबुक से हुई। किशोरी का फेसबुक अकाउंट खोला तो पता लगा कि फेसबुक पर दोनों की दोस्ती हुई और फिर दोनों घर से निकल गए। फेसबुक पर मिली जानकारी के बाद ही जिले के नौरंगाबाद के युवक पर शक हुआ।
किरायेदार हैं, मगर कोई आईडी नहीं, न पुलिस वेरिफिकेशन
किशोरी को तलाशने के लिए जब पुलिस ने चिरंजीव कॉलोनी में तलाश की तो पाया कि अनेक घरों में किरायेदार है। मगर मकान मालिकों के पास उनकी न कोई आईडी है और न ही अन्य कोई पहचान। इतना ही नहीं किसी ने किरायेदार रखने से पहले कोई पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं करवाई। अब सभी को किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए गए है।